अश्विनी वैष्णव के रेल मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद से रेल सेवाओं के सुधार और विस्तार के लिए रेलवे में दशकों से लटकती आ रही कर्मचारियों की भर्ती में तेजी लाई गई है तथा इस समय 1.40 लाख कर्मचारियोंं की भर्ती की प्रक्रिया जारी है जिसे बहुत जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। श्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार पिछले 8 वर्षों में रेलवे ने 3.50 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है। इसके साथ ही उन्होंने तेज रफ्तार ‘वंदे भारत’ रेलगाडिय़ों सहित अनेक नई रेलगाडिय़ां भी चलाई हैं तथा अगले कुछ समय में 150 से अधिक नई रेलगाडिय़ां चलाने की योजना है।
नई रेलगाडिय़ां शुरू करने के क्रम में श्री वैष्णव ने 30 अप्रैल, 2026 को जम्मू-कश्मीर में जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर (कश्मीर घाटी) के लिए सीधी ‘वंदे भारत एक्सप्रैस सेवा’ का उद्घाटन भी किया है।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह रेल लिंक जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच एक अटूट और सीधा सम्पर्क स्थापित करेगा। यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए इस मार्ग पर 8 की बजाय 20 कोच वाली आधुनिक ‘वंदे भारत ट्रेन’ शुरू की गई है। इसकी नियमित सेवा 2 मई से शुरू होगी ‘विंटराइजेशन तकनीक’ से लैस इस ट्रेन में ‘गर्म विंडशील्ड’ और विशेष ‘हीटिंग सिस्टम’ लगे हैं, ताकि शून्य से नीचे के तापमान और भारी बर्फबारी में भी इसका परिचालन बाधित न हो।
यह सीधी सेवा न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि इस ट्रेन द्वारा जम्मू तवी और श्रीनगर के बीच 267 किलोमीटर की दूरी अब मात्र 4 से 5 घंटे में तय होने से समय की बचत होगी और स्थानीय व्यापार, पर्यटन व अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
रेल सेवाओं का विस्तार सराहनीय है परन्तु इसके साथ ही कहीं-कहीं इनमें सुधार करने की भी जरूरत है जिनमें रेलगाडिय़ों की लेट-लतीफी मुख्य है। पिछले कई महीनों से लगातार दिल्ली से पंजाब तथा जम्मू-कश्मीर की ओर जाने-आने वाली रेलगाडिय़ां कई-कई घंटे लेट चल रही हैं।
* 30 अप्रैल को जम्मू और कटरा रूट पर जाने वाली प्रमुख रेलगाडिय़ों की देरी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। विशेष रूप से वैष्णो देवी, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक लेट रहीं।
* वैष्णो देवी कटरा से री-शैड्यूल होकर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रैस शाम 6.51 बजे से 2 घंटे से अधिक लेट रहते हुए 9 बजे जालंधर छावनी पहुंची। वैष्णो देवी जाने वाली नई दिल्ली ‘वैष्णो देवी-कटरा स्पैशल’ ट्रेन पौने 3 घंटे की देरी से सवा 8 बजे जालंधर छावनी पहुंची।
* वैष्णो देवी जाने वाली ‘मालवा एक्सप्रैस’ सुबह साढ़े 10 बजे की बजाय 3 घंटे देरी से 1.30 बजे के बाद जालंधर छावनी पहुंची। जम्मू जाने वाली ‘जेहलम एक्सप्रैस’ साढ़े 5 घंटे की देरी से पौने 11 बजे जालंधर छावनी पहुंची।
* 30 अप्रैल को ही जम्मू रूट की ट्रेनों के अलावा अमृतसर की ओर जाने वाली ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहा। अमृतसर जाने वाली ‘शहीद एक्सप्रैस’ अढ़ाई घंटे देरी से शाम 6 बजे जालंधर शहर पहुंची। अमृतसर से री-शैड्यूल होकर चलने वाली दुग्र्याणा एक्सप्रैस साढ़े 3 घंटे की देरी से साढ़े 10 बजे जालंधर शहर पहुंची। ‘अमृतसर जनसेवा एक्सप्रैस’ दोपहर 3 बजे की बजाय अढ़ाई घंटे की देरी से शाम साढ़े 5 बजे जालंधर शहर पहुंची।
लोगों का कहना है कि यदि दिल्ली से चलकर अमृतसर जाने और आने वाली ‘शताब्दी एक्सप्रैस’ जैसी रेलगाडिय़ां सही समय पर चल सकती हैं तो अन्य रेलगाडिय़ां समय पर क्यों नहीं चल सकतीं क्योंकि उनके लेट चलने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
* रख-रखाव की कमी, तकनीकी खराबी और रेल दुर्घटनाओं को रोकने की ओर ध्यान देने की भी तुरन्त आवश्यकता है।
* समय-समय पर रेलगाडिय़ों में होने वाले अग्निकांड भी ङ्क्षचता का विषय हैं जो कई बार यात्रियों की प्राणहानि का कारण भी बन जाते हैं।
रेल मंत्री को इस तरह की त्रुटियों की ओर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है ताकि यात्रियों की यात्रा सुविधाजनक होने के साथ-साथ सुरक्षित और समय पर पूरी होने वाली सिद्ध हो।—विजय कुमार

