Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • तेज प्रताप ने FIR में आकाश के साथ अनुष्का को भी बनाया आरोपी, आवेदन में क्या-क्या लिखा
    • विपक्षी पार्टियों का कांग्रेस में विलय मुश्किल!…
    • भानु सप्तमी पर सूर्य देव से पाएं आरोग्य और धन का वरदान, बस करना होगा ये काम
    • बाल पकड़ के घसीटा, हाथ-पैर बांधकर डंडों से वार… चोरी के शक में आमीन खान ने 8 साल की बच्ची को दी ‘मौत की सजा’
    • सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि पूरे इटली का अपमान हैं , ट्रंप के बयान के बाद इटली ने उठाया सख्त कदम, विदेश मंत्री ने किया दौरा रद्द
    • मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन
    • फिल्म ‘कॉकटेल 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर की शानदार ओपनिंग, Fans ने की कृति सेनन के परफॉर्मेंस की तारीफ
    • धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष की अमर गाथा : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, June 20
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»आधे दाम में बन गया ‘S-400’, IAF ने थोक में दिया ऑर्डर…
    राष्ट्रीय

    आधे दाम में बन गया ‘S-400’, IAF ने थोक में दिया ऑर्डर…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 4, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Russia S400 Vs Desi Project Kush: रूस का एस-400 दुनिया का एक सबसे बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम है. रूस के साथ चीन और भारत भी इस सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इसकी झांकी दिखाई थी. इसके बाद कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था. उसने सीज फायर की गुहार लगाई थी. एस-400 ने पाकिस्तान की सीमा से करीब 300 किमी भीतर जाकर उसके एक बड़े अवॉक्स सिस्टम को तबाह कर दिया था. खैर हम इस जंग की बात नहीं कर रहे है. हमारा आज का फोकस एस-400 है. भारत ने रूस से इस डिफेंस सिस्टम के पांच स्क्वाड्रन खरीदे है. इसमें से तीन की डिलिवरी हो गई है. चौथे की डिलिवरी लेने एयरफोर्स की टीम रूस जा चुकी है. वहीं पांचवें स्क्वाड्रन की डिलिवरी भी इसी साल होने की उम्मीद है. भारत इसके अलावा एस-400 के ही पांच और स्क्वाड्रन खरीदे की योजना पर काम रहा है.

    इस बीच भारत अपना देसी एस-400 बना रहा है. इसका नाम प्रोजेक्ट कुश है. इस डिफेंस सिस्टम को डीआरडीओ विकसित कर रहा है. यह कई मामलों में एस-400 से बेहतर सिस्टम है. इसको पूरी तरह भारतीय एयरफोर्स की जरूरत के हिसाब से डेवलप किया गया है. एयरफोर्स ने पहली बार में ही इस सिस्टम के पांच स्क्वाड्रन के ऑर्डर दे दिए हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस सिस्टम की लागत एस-400 की तुलना में आधी से भी कम है. ऐसे में रूस के चेहरे पर हैरानी साफ नजर आ रही है. रूस के हथियार कारोबार के लिए एस-400 एक सबसे प्रीमियम हथियार है.

    प्रोजेक्ट कुश की खासियत

    एस-400 की तुलना में कुश न केवल लागत में कम है बल्कि यह राष्ट्रीय संप्रभुता, सॉफ्टवेयर स्वतंत्रता और लॉन्ग-टर्म मेंटेनेंस के मामले में भी कहीं बेहतर है. भारत ने 2018 में रूस से एस-400 के पांच स्क्वाड्रन की डील की थी. उस वक्त उसकी लागत करीब 5.45 अरब डॉलर यानी करीब 45 हजार करोड़ रुपये थी. वहीं प्रोजेक्ट कुश के पांच स्क्वाड्रन की कीमत सिर्फ 21,700 करोड़ रुपये है. यानी यह लागत आधी से भी कम है. यह बचत न केवल सिस्टम की खरीद पर हो रही बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली मिसाइलें भी काफी सस्ती हैं. यह कुश सिस्टम तीन लेयर वाली इंटरसेप्टर मिसाइलों पर आधारित हैं. इसमें एम-1 मिसाइल की रेंज 150 किमी, एम-2 मिसाइल की रेंज 250 किमी और सबसे भारी एम-3 मिसाइल की रेंज 350 से 400 किमी के बीच है. इन मिसाइलों की कीमत 40 से 50 करोड़ के बीच है जबकि एस-400 की रूसी मिसाइलों की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये हैं.

    दरअसल, इन मिसाइलों का उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड कर रहा है, जबकि एडवांस मल्टी-फंक्शन कंट्रोल रडार का निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) कर रहा है. ये दोनों कंपनियां डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर्स जैसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं.

    पूर्ण सॉफ्टवेयर और टेक्टिकल स्वतंत्रता

    रूसी सिस्टम एस-400 में सोर्स कोड लॉक रहता है. इनका उपयोग काफी हद तक विदेशी सप्लायर की मर्जी पर निर्भर करता है. कुश प्रोजेक्ट पूरी तरह स्वदेशी है. ऐसे में एयरफोर्स का मिशन अल्गोरिदम और कोर सॉफ्टवेयर पर पूरा नियंत्रण मिलता है. इससे किसी भी स्थिति में इसमें किल स्विच का खतरा नहीं रहता है. इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर दुश्मन नई स्टेल्थ टेक्नोलॉजी या इलेक्ट्रॉमिक वारफेयर का इस्तेमाल करता है तो भारत अपना रडार डिटेक्शन और ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर तुरंत अपडेट कर सकता है. उदाहरण के तौर पर अगर चीन अपने पांचवीं पीढ़ी के जे-20 या जे-35 फाइटर जेट का इ्स्तेमाल करे तो ये डिफेंस सिस्टम तुरंत अपने रडार डिटेक्शन और ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर को अपडेट कर देंगे.

    लाइफ साइकल इकोनॉमी

    इस मामले में भी कुश एस-400 से काफी आगे हैं. दरअसल, लाइफ साइकल इनोनॉमी का मतलब एक सिस्टम को उसकी पूरी उम्र तक ऑपरेट करने में आने वाला खर्च से है. एस-400 और कुश जैसे बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम 25 से 30 सालों तक अपनी सेवा देते हैं. ऐसे में एस-400 जैसे विदेश प्लेटफॉर्म के मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स और अपग्रेड में बहुत पैसे खर्च होंगे. ऐसे में कई भार पार्ट्स उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरा सिस्टम ठप हो जाता है. वहीं कुश का पूरा मेंटेनेंस भारत में होगा. इस कारण कुश के ठप होने की संभावना न के बराबर है.

    इसके अलावा कुश को इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के साथ सहजता से इंटीग्रेट किया जा सकता है. इसे नेटा अवाक्स, भविष्य के अवाक्स, तेजस मार्क-2 देसी फाइटर जेट और ग्राउंड रडार के साथ तुरंत डेटा शेयर किया जा सकेगा.

    प्रोजेक्ट कुश की रफ्तार

    भारत ने प्रोजेक्ट कुश को बेहद तेज गति से विकास कर रहा है. इस साल के शुरू में इसके एम1 इंटरसेप्टर का फ्लाइट टेस्ट पूरा हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक एम1, एम2 और एम3 वैरिएंट 2028 से 2030 के बीच सेना को सौंपे जाएंगे. अगर भारत के सिस्टम 100 फीसदी सफल हो जाते हैं तो यह मित्र देश रूस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. भारत का यह सिस्टम काफी सस्ता है. ऐसे में संभावना है कि कम बजट वाले मुल्कों के लिए भारत ने एक शानदार एयर डिफेंस सिस्टम को विकसित किया है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    दिल्ली में आज होगा कॉकरोच जनता पार्टी का दूसरा बड़ा प्रदर्शन, सोनम वांगचुक भी होंगे शामिल

    June 20, 2026

    हाजीपुर इलाके में प्रवासी मजदूर ने पत्नी को उतारा मौत के घाट

    June 19, 2026

    पहला ऑल-विमेन पुलिस थाना, पीड़ित महिलाएं बिना झिझक कह सकेंगी दिल की बात

    June 19, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.