Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़ मंत्रालय में अधिकारियों की पदोन्नति: परमानंद बने अवर सचिव, दो सहायक अनुभाग अधिकारी पदोन्नत होकर बने अनुभाग अधिकारी
    • सिंगापुर की एनर्जी कैपिटल ग्लोबल छत्तीसगढ़ में एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस में करेगी ₹41,750 करोड़ का निवेश
    • आयरलैंड के काउंटी गॉलवे में कुंवारी मां के पुराने शेल्टर होम के नीचे मिले 109 बच्चों के कंकाल…
    • उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर में हुए शामिल
    • शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्कूल से घर लौट रहे स्कूली बच्चों के बीच पहुंचकर सहज संवाद में जानी पढ़ाई और स्कूल की जरूरतें
    • छत्तीसगढ़: 22 बंदरों की हत्या का आरोप,विभाग को मिले सिर्फ 2 कंकाल…
    • छत्तीसगढ़ में 6 अक्टूबर से बदलेगा मौसम, बारिश और वज्रपात का अलर्ट…
    • छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, प्रशासनिक आधार पर सात पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, October 6
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»सेवा की कहानी- मुर्गी पालन ने बदली रजनी की राह, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम
    छत्तीसगढ़

    सेवा की कहानी- मुर्गी पालन ने बदली रजनी की राह, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inSeptember 21, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से मिला आर्थिक सहयोग, परिवार की आय बढ़ाने में बनी सहभागी

    समूह से जुड़कर मिली पूंजी के साथ बढ़ा आत्मविश्वास, अब आजीविका से जुड़े फैसले खुद ले रहीं रजनी

    स्व-सहायता समूह ने खोला आत्मनिर्भरता का रास्ता, ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

    रायगढ़- जब अवसर और सहयोग साथ मिले तो मेहनत को नई दिशा मिलती है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पाराघाटी की श्रीमती रजनी केरकेट्टा की कहानी इसकी मिसाल है। कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों में सीमित भूमिका निभाने वाली रजनी ने मुर्गी पालन को आजीविका का साधन बनाया और धीरे-धीरे अपने परिवार की आय बढ़ाने में सहभागी बन गईं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूह ने उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ वह आत्मविश्वास भी दिया, जिसके सहारे वे अब अपनी आजीविका गतिविधि से जुड़े निर्णय स्वयं ले रही हैं।

    स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद खुला नया रास्ता

    रजनी जीवन ज्योति स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विभिन्न सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी मिली और मुर्गी पालन को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ।

    उन्हें सामुदायिक निवेश निधि से 50 हजार रुपये, बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 लाख रुपये तथा स्वयं सिद्धा के तहत प्रथम वर्ष में 1.50 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। आजीविका गतिविधि को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए द्वितीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये की राशि का पुनः नवीनीकरण भी किया गया।

    इस आर्थिक सहयोग से रजनी ने मुर्गी पालन गतिविधि को विस्तार दिया। समूह से मिलने वाले मार्गदर्शन ने उन्हें व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने और आय के अवसरों को बढ़ाने का भरोसा दिया।

    आर्थिक सहयोग के साथ बढ़ा आत्मविश्वास

    रजनी बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं मिली, बल्कि आगे बढ़ने का हौसला भी मिला। मुर्गी पालन से जुड़कर वे अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ सकीं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।

    अब आजीविका गतिविधि से जुड़े निर्णय लेने में उनकी सक्रिय भूमिका है। अपनी मेहनत और समूह के सहयोग से उन्होंने यह विश्वास हासिल किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी अपने हुनर और प्रयासों के बल पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

    गांव की महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूह बन रहे बदलाव का माध्यम

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। समूहों के माध्यम से नियमित बचत, बैंक लिंकेज और विभिन्न निधियों से आजीविका गतिविधियों के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

    इससे ग्रामीण महिलाएं मुर्गी पालन, पशुपालन, कृषि और अन्य आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ाने में सहभागी बन रही हैं। साथ ही आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ने से निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी मजबूत हो रहा है।

    “समूह से मिला सहारा, अपने पैरों पर खड़े होने का मिला अवसर”

    श्रीमती रजनी केरकेट्टा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और स्व-सहायता समूह से मिले सहयोग ने उन्हें अपनी आजीविका आगे बढ़ाने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का रास्ता दिया है।

    रजनी की यह कहानी बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, पूंजी और मार्गदर्शन का साथ मिलता है, तो वे केवल अपने परिवार की आय बढ़ाने वाली नहीं, बल्कि अपने आर्थिक निर्णय स्वयं लेने वाली आत्मनिर्भर उद्यमी भी बन सकती हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    छत्तीसगढ़ मंत्रालय में अधिकारियों की पदोन्नति: परमानंद बने अवर सचिव, दो सहायक अनुभाग अधिकारी पदोन्नत होकर बने अनुभाग अधिकारी

    October 5, 2026

    सिंगापुर की एनर्जी कैपिटल ग्लोबल छत्तीसगढ़ में एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस में करेगी ₹41,750 करोड़ का निवेश

    October 5, 2026

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर में हुए शामिल

    October 5, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.