सुधीश पचौरी
अब तक तो एक ही ‘जिहाद’ माना जा रहा था, अब ताजा आया है ‘भूमि जिहाद’! फिर भारत और राम नाम का महिमा गायन। एक चर्चक कहिन कि ‘राम रामायण’ के बहाने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का अभियान शुरू किए हैं! इसके बाद एक दिन जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के ‘बारह बरस’ से अधिक दिन पूरे हुए, वैसे ही एक चैनल ने यह पंक्ति लगाई कि ‘मोदी युग’।
अब मोदी नेहरू से भी लंबे समय तक शासन करने वाले प्रधानमंत्री हुए। अब तक चैनलों में ‘मोदी-मोदी’ होता था, अब ‘मोदी युग’, ‘मोदी युग’ होने लगा! एक विपक्षी ने इसका ‘श्रेय’ भी नेहरू को दिया कि नेहरू को धन्यवाद दें कि एक चाय वाला प्रधानमंत्री बन सका। एक चैनल ने ‘मोदी युग’ के आगमन को ‘इंडिया’ गठबंधन की विदाई से जोड़कर एक ऑनलाइन मतदान तक करा दिया, जो दिखाता रहा कि 87 फीसद मानते हैं कि ‘मोदी युग’ आया।
इसके आगे ‘इंडिया’ वाले ही ‘विदा गीत’ गाते दिखे। एक दृश्य में ममता बनर्जी सोनिया गांधी से गले मिलती दिखती हैं, जिसमें सोनिया जी ममता जी को सांत्वना देती दिखती हैं कि मुसीबत में हम आपके साथ हैं।
बहरहाल, चैनल-चैनल अफवाहें चलती रहीं कि क्या तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में ‘विलय’ होगा। इसके समांतर ऐसी खबरें भी ‘ब्रेक’ होती रहीं कि तृणमूल कांग्रेस टूट रही है। एक चैनल ने आंकड़ा बताया कि 28 में से तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने बगावत की और उधर तृणमूल कांग्रेस के 80 में से 64 विधायक भी बागी हुए। अब बचा क्या? एक कहिन कि सांसद यूसुफ पठान तक बाहर आ गए।
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने भी अपनी पार्टी से इस्तीफा दे दिया और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ कॉफी भी पी, लेकिन सुष्मिता ने अपने इस्तीफे को लेकर जितना जैसा बोला, बेहद शिष्ट और शालीन भाषा में बोला। तृणमूल कांग्रेस के भीतर इस उथल-पुथल के बीच एक दिन सबसे अधिक नाराज नजर आए पार्टी के पुराने बड़े नेता कल्याण बनर्जी।
चर्चक बताते रहे कि ये वही कल्याण बनर्जी हैं, जो कुछ समय पहले संसद में तृणमूल कांग्रेस के एक ‘कटाक्षकारी’ नेता के रूप में अपने ‘किट-किट, किट-किट’ पर ताली बटोर चुके हैं। वही कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के एक बड़े नेता और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी से इस कदर नाराज दिखे कि अभिषेक बनर्जी का ‘जाली दस्तखत वाला’ मुकदमा लड़ने तक से इनकार कर दिया।
उन्होंने कह दिया कि मुझे छोड़ अभिषेक ने अदालत में अपना मुकदमा लड़ने के लिए एक जूनियर वकील को तय कर लिया। वे अभिषेक पर इतने कुपित दिखे कि ‘चेतावनी’ तक दे दी कि अब मुझमें और अभिषेक बनर्जी में से किसी एक को चुनें ममता!
वे कहते रहे कि अभिषेक बनर्जी बहुत घमंडी हो गए हैं… उनका व्यवहार असह्य हो चला है… वे इतने अहंकारी हैं कि किसी का सम्मान नहीं करते… मेरा अपमान किया… मुझे कूड़ेदान न समझें… पार्टी में अभिषेक चलेंगे, तो हम न चलेंगे..! इसके बाद दो और सांसदों के पार्टी से इस्तीफा देने की खबरें हलचल मचाती रहीं… तृणमूल कांग्रेस को हिलाती रहीं। कुछ कहते रहे कि तृणमूल कांग्रेस अब बचेगी भी कि नहीं।
चर्चकों में से कुछ ने कहा कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस को तोड़कर ‘महाराष्ट्र मॉडल’ लागू कर रही है, तो दूसरे कहिन कि बंगाल में भाजपा बहुमत में है… उसे ऐसा करने की जरूरत ही नहीं।
तीसरे कहिन कि तृणमूल कांग्रेस अब एक डूबता जहाज है, इसीलिए चूहे निकलकर भाग रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक पूर्व प्रवक्ता ने तो और भी तीखा हमला बोला कि एक दिन अभिषेक बनर्जी चक्की पीसेंगे। जब तक सत्ता थी, तब तक सब ‘साथ-साथ’ थे, लेकिन जैसे ही चुनाव हारे, तृणमूल कांग्रेस तिनकों की तरह बिखर गई।
इस पराभव पर किसी को दुख तक नहीं, लेकिन अपने शत्रुघ्न सिन्हा तृणमूल कांग्रेस के ऐसे सांसद रहे, जिन्होंने कई चैनलों पर आकर कहा कि वे मुसीबत में ममता का साथ नहीं छोड़ने वाले, क्योंकि ममता ने उनकी मुसीबत में उनका साथ दिया था। सत्ता पक्ष के प्रवक्ता से जब पूछा गया कि तृणमूल कांग्रेस के ‘ये बागी सांसद आपके दल में आए, तो आप क्या करेंगे’, तो जवाब में यह टिप्पणी आई कि ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा..!’
बहरहाल, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की सदस्यता के चुनाव में कांग्रेस की नामित मीनाक्षी नटराजन का परचा ‘कथित तकनीकी त्रुटि’ के कारण खारिज हो गया, जिसका भाजपा ने पूरा फायदा उठाया और तीनों सीटें जीत लीं। इस पर विपक्ष के एक नेता की टिप्पणी आई कि यह सीट चोरी है..!
तापमान बढ़ा, विपक्ष का पारा चढ़ा- शिक्षा मंत्री को हटाओ… शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें… ‘नीट’ में गड़बड़ी… लीक में प्रोफेसर शामिल..! फिर एक खबर- ‘सीएनजी के दाम तीन रुपए बढ़े।’ और विपक्ष का विरोध शुरू- ये वसूली है… किश्तों में वसूली! लेकिन मॉडल और अभिनेत्री त्विषा की हत्या/आत्महत्या की सनसनीखेज कहानी चलती रही। चैनल दर चैनल त्विषा के पिता रोते रहे कि हमारी कोई सुनने वाला नहीं… चार दिन से धरने पर, लेकिन कोई सुनता नहीं… ये ताकतवर लोग हैं… सब मिले हुए हैं… हमारी मांग है कि दूसरा पोस्टमार्टम हो… पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कमियां… मृतका त्विषा के गले पर खून के निशान… शरीर पर चोट… मुकदमा दिल्ली स्थानांतरित हो… हमें न्याय मिले!
