Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं’ गाने पर डांस करते नजर आए IPS असित यादव ,डीआईजी पद पर पदोन्नति… 
    • बंगाल में CM पर फैसला कराने खुद जाएंगे अमित शाह, असम की जिम्मेदारी जेपी नड्डा को…
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जांजगीर-चांपा में तेजी से आगे बढ़ रहा मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट
    • संवाद से समाधान: कमराखोल में मुख्यमंत्री ने दूर की बिजली बिल की चिंता
    • माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल
    • एक चौपाल ऐसा भी जहाँ खुशियों और तालियों की रही गूंज,लखपति दीदियों के हौसले की उड़ान देख गदगद हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    • सुशासन तिहार: चौपाल में मिली राहत, सरलाबाई मरावी की समस्या का मुख्यमंत्री ने किया त्वरित समाधान
    • सुशासन तिहार: सरोधी की चौपाल में दिखी बदलाव की कहानी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Wednesday, May 6
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»अजब गजब»इस मंदिर में छिपा है शत्रुघ्न और लवणासुर युद्ध का त्रेतायुगीन रहस्य, गदा नहीं, धनुष-बाण वाले ‘हनुमान’!
    अजब गजब

    इस मंदिर में छिपा है शत्रुघ्न और लवणासुर युद्ध का त्रेतायुगीन रहस्य, गदा नहीं, धनुष-बाण वाले ‘हनुमान’!

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 5, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Mahaveer Hanuman Temple : आज हम आपको एक ऐसे हनुमान मंदिर की कहानी बताने जा रहे हैं जिनका इतिहास त्रेतायुग से बताया गया है. किंवदंती है कि इस मंदिर में श्री राम के अनुज शत्रुघ्न ही महावीर के रुप में विराजमान हैं. इसलिए यहां हनुमान जी की मूर्ति गदा नहीं धनुष-बाण लिए है. यह मूर्ति भी एक चट्टान से प्रकट बताई जाती है.

    मां बंबरबेनी लवकुश नगर समिति के सदस्य और पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी मातादीन विश्वकर्मा लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं लवकुश नगर शहर का इतिहास माता बंबरबेनी से जुड़ा है. दरअसल, माता बंबरबेनी मां सीता ही थीं. रामायण में वाल्मीकि आश्रम चित्रकूट बताया जाता है. और यह जगह चित्रकूट से 150 किमी दूर है. यहां भी वाल्मीकि आश्रम का परिसर आता था. यहां मां बंबरबेनी पहाड़ी है. जहां साधु-संत, ऋषि मुनि तपस्या करते रहते थे लेकिन इसी पहाड़ी के सामने एक और पहाड़ी है जहां पर लवणासुर नाम का राक्षस रहता था. यह राक्षस आए दिन साधु-संत की तपस्या और यज्ञ हवन-पूजन में बाधा डालता रहता था.

    साधु-संत ने ली रामजी की शरण 
    फिर एक दिन सभी ऋषि मुनि और साधु-संत प्रभु श्री राम की शरण में गए. प्रभु श्री राम जी उन्हें आश्वासन दिया कि निश्चिंत होकर अपनी तपस्या कीजिए. लवणासुर के वध के लिए मैं अपने छोटे भाई शत्रुघ्न को भेजता हूं. जैसे ही शत्रुघ्न को जानकारी दी जाती है वह लवणासुर का वध करने के लिए निकल पड़ते हैं.

    लवणासुर का किया वध
    सभी ऋषि मुनि शत्रुघ्न का स्वागत करते हैं और लवणासुर की उस पहाड़ी की भी जानकारी देते हैं जहां लवणासुर रहता था. इसके बाद शत्रुघ्न और लवणासुर के बीच भीषण युद्ध होता है. जिसमें लवणासुर मारा जाता है और शत्रुघ्न की जीत होती है. सभी ऋषि मुनि और भक्त शत्रुघ्न महाराज से विनती करते हैं कि आपका इसी पहाड़ी के सामने आपको स्थापित करना चाहते हैं. इसके बाद एक बड़ी सी शिला से शत्रुघ्न महाराज की मूर्ति प्रकट होती है. जिसके बाद यहां शत्रुघ्न भगवान स्थापित कर दिए जाते हैं और कालांतर में यहां मंदिर भी बना दिया जाता है.

    महावीर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध 
    वहीं मंदिर के पुजारी बताते हैं कि ये मंदिर तो शत्रुघ्न भगवान का है लेकिन अब इस मंदिर को महावीर मंदिर के नाम से जाना जाने लगा है. ज्यादातर लोग इस मूर्ति को ध्यान से नहीं देखते हैं और वह हनुमान जी की मूर्ति समझ लेते हैं. जबकि इस मूर्ति में शत्रुघ्न भगवान ने गदा नहीं धनुष-बाण ले रखा है. फिर भी जो इस मूर्ति के बारे में जानते नहीं हैं तो वह इसे हनुमान मंदिर ही समझ लेते हैं.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    मार्केट में आया आधा चप्पल! सिर्फ रईसों के पैरों की बढ़ा रहे शोभा

    May 5, 2026

    बीच सड़क पर दिखा हैरान कर देने वाला नजारा, पिता के सामने लड़की को ले गया उसका आशिक

    May 4, 2026

    Girigo एप? वाकई पूरी कर देता है लोगों की विश, 24 घंटे बाद हो जाती है मौत!

    May 3, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.