Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का भव्य आगाज 1 नवंबर से, तीन दिनों तक लोककला, संस्कृति और संगीत के रंगों से सराबोर होगा नवा रायपुर
    • स्थानीय कारीगरों की मेहनत से रोशन हो हर घर, स्वदेशी दीयों से मनाएं दीपावली – राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा
    • नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में विकास को नई गति, बड़े बोदल सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ
    • केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया छत्तीसगढ़ प्रवास पर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में करेंगे राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
    • आज का राशिफल : पढ़ें दैनिक राशिफल…
    • श्री कोर्सेवाड़ा का निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति, वे सुलझे हुए, परिपक्व, मिलनसार और मृदुभाषी जनप्रतिनिधि थे : मुख्यमंत्री श्री साय
    • राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, November 2
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»Blog»भारत का वो गांव जहां बच्चे से बूढ़े तक जानते हैं जादू-टोना!
    Blog

    भारत का वो गांव जहां बच्चे से बूढ़े तक जानते हैं जादू-टोना!

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 3, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    भारत का एक ऐसा गांव जो अपनी रहस्यमयी कहानियों और काला जादू की मान्यताओं की वजह से पूरे देश में मशहूर है. लोग इसे “काले जादू की राजधानी” कहते हैं, जहां तंत्र-मंत्र और पुराने रहस्यों की कई दिलचस्प कहानियां सुनने को मिलती हैं.

    भारत में ऐसी कई जगहें हैं, जिनके बारे में सुनते ही लोगों के मन में रहस्य और रोमांच दोनों जाग उठता हैय. कहीं भूतिया किले की कहानियां सुनाई देती हैं, तो कहीं ऐसे गांवों का जिक्र होता है, जो अपनी अनोखी परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं. इन्हीं रहस्यमयी जगहों में एक नाम असम के मायोंग गांव (Mayong Village) का भी आता है. इस गांव को लोग “भारत की काला जादू राजधानी” यानी “Capital Of Black Magic” तक कहते हैं. इस गांव को लेकर कई ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं, जिन्हें जानकर लोग हैरान रह जाते हैं. कोई कहता है यहां के लोग तंत्र-मंत्र जानते हैं, तो कोई दावा करता है कि यहां सदियों से जादुई विद्या का अभ्यास होता आ रहा है. हालांकि इन बातों की सच्चाई को लेकर अलग-अलग राय है, लेकिन मायोंग आज भी लोगों के लिए रहस्य बना हुआ है.

    ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा रहस्यमयी गांव
    मायोंग गांव असम के मोरीगांव (Morigaon) जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित है. यह गांव गुवाहाटी से करीब 40 किलोमीटर दूर है. देखने में यह एक सामान्य गांव जैसा लगता है, लेकिन इसकी पहचान पूरे देश में काले जादू और तांत्रिक परंपराओं की वजह से बनी हुई है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां सदियों से तंत्र-मंत्र और जादुई विद्या का ज्ञान पीढ़ी दर पीढ़ी चलता आ रहा है. गांव के बुजुर्गों के पास आज भी पुराने मंत्रों और पारंपरिक उपचारों से जुड़ी कई कहानियां मौजूद हैं.

    क्यों कहा जाता है ‘काले जादू की राजधानी’?
    मायोंग को “भारत की काला जादू राजधानी” कहने के पीछे कई वजहें बताई जाती हैं. यहां के बारे में कहा जाता है कि पुराने समय में लोग अपनी सुरक्षा और इलाज के लिए तंत्र-मंत्र का इस्तेमाल करते थे. गांव में रहने वाले कुछ ओझा और तांत्रिक आज भी पारंपरिक तरीकों से लोगों का इलाज करने का दावा करते हैं. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां कुछ लोग हाथ की रेखाएं पढ़ने, भविष्य बताने और मंत्रों के जरिए समस्याओं को दूर करने की कला जानते हैं. हालांकि इन बातों को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन गांव की कहानियां लोगों को हमेशा आकर्षित करती रही हैं.

    महाभारत से भी जोड़ा जाता है मायोंग का इतिहास
    मायोंग गांव का नाम महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है. स्थानीय कथाओं के अनुसार, भीम और हिडिंबा के पुत्र घटोत्कच ने इसी क्षेत्र में कई रहस्यमयी विद्याएं सीखी थीं. कुछ लोगो का यह भी मानना हैं कि “मायोंग” शब्द संस्कृत के “माया” या “भ्रम” शब्द से बना है, जिसका मतलब जादू या रहस्य होता है. यही वजह है कि इस गांव को लेकर लोगों के मन में आज भी उत्सुकता बनी रहती है.

    बिना दवा के इलाज की कहानियां
    मायोंग में कई लोग पारंपरिक उपचार पद्धतियों पर भरोसा करते हैं. गांव के ओझा दावा करते हैं कि वे कुछ बीमारियों और दर्द को मंत्रों और पारंपरिक तरीकों से ठीक कर सकते हैं.
    कुछ स्थानीय कहानियों में यह भी कहा जाता है कि यहां तांबे की प्लेट या खास मंत्रों के जरिए दर्द दूर करने की कोशिश की जाती है. कई कहानियों में यह भी कहा जाता हे कि यहां कई बीमारियों को ठीक करने के लिए भूतों की भी मदद ली जाती है. हालांकि इन दावों की पुष्टि वैज्ञानिक रूप से नहीं हुई है. इस गांव को लेकर कई रहस्यमयी कहानियां मशहूर हैं. पुराने समय में लोग इस गांव का नाम सुनकर भी डर जाते थे. कहा जाता था कि यहां आने वाला हर व्यक्ति आसानी से वापस नहीं लौट पाता था और एक छोटी सी गलती के बाद वहां लोग काले जादू के चपेट में आ जाते हैं.

    मायोंग में बढ़ रहा पर्यटन का आकर्षण
    काले जादू और रहस्यमयी कहानियों की वजह से मायोंग अब धीरे-धीरे लोगों के बीच एक टूरिस्ट प्लेस बनता जा रहा है. हर साल यहां बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं, जो इस गांव की अनोखी परंपराओं और रहस्यमयी इतिहास को करीब से देखना चाहते हैं. अगर आपको एडवेंचर पसंद है, इतिहास में दिलचस्पी है या रहस्यमयी जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है, तो मायोंग आपके लिए बेहद खास जगह साबित हो सकती है. मायोंग में मौजूद केंद्रीय संग्रहालय(Central Museum) और एम्पोरियम टूरिस्ट के आकर्षण का बड़ा केंद्र है. यहां प्राचीन आयुर्वेद, तंत्र-मंत्र और काले जादू से जुड़ी कई पुरानी किताबें रखी गई हैं. मायोंग और आसपास के इलाकों में हर साल नवंबर महीने में पोबितोरा महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस दौरान यहां स्थानीय संस्कृति, लोक कला और पारंपरिक कार्यक्रमों की झलक देखने को मिलती है. टूरिस्ट यहां स्थानीय लोगों से बातचीत कर सकते हैं और गांव से जुड़ी कई रोचक कहानियां और मान्यताओं के बारे में जान सकते हैं.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में विकास को नई गति, बड़े बोदल सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ

    November 1, 2026

    सरगुजा ओलंपिक में 4.16 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन, विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताएं संपन्न

    October 28, 2026

    जल संरक्षण से जनभागीदारी तक, मल्हनिया जलाशय में गूंजा सेवा का संकल्प

    September 18, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.