Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मोदी आतंकवादी, मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु में खड़ी की कांग्रेस के लिए मुश्किल
    • IAF जवान का परिवार पहलगाम हमले की बरसी से पहले तैयार कर रहा स्मारक..
    • झारखंड के तीन डैमों पर खुलेंगे 5 फ्लोटिंग रेस्टोरेंट…
    • क्या आप जानते हैं बहुत से लोग AC वाले कमरे में पानी से भरी बाल्टी रखते हैं जान लें कारण और रखने का तरीका…
    • दंतेवाड़ा में तैयारियां जोरों पर, आएंगे सचिन तेंदुलकर : 22 को करेंगे मल्टी स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन,मड्डाराम के साथ खेलेंगे ‘क्रिकेट…
    • शादी में अनजान मेहमान से रहे सावधान सूट बूट में आए शातिर चोर उड़ा ले गए 5 लाख से भरा बैग…
    •  कार से टक्कर के बाद दूर जा गिरी स्कूटी…
    • तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े 2 युवकों को मारी टक्कर,एक की मौत, दूसरा गंभीर
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, April 21
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»कब है पापमोचनी एकादशी? जानें व्रत रखने का नियम, पूजा विधि और महत्व
    धर्म आस्था

    कब है पापमोचनी एकादशी? जानें व्रत रखने का नियम, पूजा विधि और महत्व

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 13, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    हिंदू धर्म में एकादशी के व्रतों की एक खास जगह होती है। लेकिन पापमोचनी एकादशी? इसका महत्व अलग ही बताया गया है। नाम का ही मतलब है पापों को मिटाने वाली। हालांकि तारीख को लेकर हमेशा थोड़ा कन्फ्यूजन रहता है, तो चलिए इसे दूर करते हैं और बात करते हैं कि यह दिन आपकी किस्मत क्यों बदल सकता है।

    2026 में पापमोचनी एकादशी असल में कब है?

    आपको बता दें कि चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च, 2026 को सुबह 8:10 बजे शुरू होगी और 15 मार्च को सुबह 9:16 बजे खत्म होगी। परंपरा के अनुसार, आपको उस दिन व्रत रखना चाहिए जब एकादशी तिथि (जिसे उदयातिथि कहते हैं) में सूरज उगता है। इसका मतलब है कि मुख्य व्रत रविवार, 15 मार्च, 2026 को है। व्रत तोड़ने (व्रत पारण) की बात करें तो वह 16 मार्च, 2026 को सुबह 6:30 से 8:54 बजे के बीच होगा।

    यह एकादशी इतनी खास क्यों है?

    पापमोचिनी एकादशी केवल एक उपवास नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक डिटॉक्स है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी ऋषि ने जब अपनी तपस्या भंग होने के बाद अप्सरा मंजुघोषा को श्राप दिया था तब इसी व्रत के प्रभाव से दोनों के पापों का नाश हुआ था। यह एकादशी होली के ठीक बाद और चैत्र नवरात्रि से ठीक पहले आती है, जो हिंदू नव वर्ष का प्रतीक है। इसे पिछले साल का बोझ उतारने और नए साल में एक नई शुरुआत करने का एक सही समय समझें।

    पापमोचनी एकादशी पर पूजा कैसे करें

    सुबह जल्दी शुरू करें। ब्रह्म मुहूर्त (सूरज निकलने से पहले का शांत, पवित्र समय) में उठें, नहाएं और पीले कपड़े पहनें पीला रंग भगवान विष्णु को पसंद है।

    हाथ में थोड़ा पानी लें और व्रत रखने का संकल्प करें, और पिछली गलतियों के लिए माफी मांगें।

    पंचामृत अभिषेक करें। भगवान विष्णु की मूर्ति को गंगाजल और पंचामृत से नहलाएं।

    तुलसी न भूलें। भगवान विष्णु को हमेशा तुलसी के पत्ते चढ़ाएं लेकिन उन्हें एकादशी पर ही न तोड़ें। उन्हें एक दिन पहले तोड़ लें।

    एक मंत्र का जाप करें। पूरे दिन अपने मन और होठों पर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” रखें।

    किसे व्रत रखना चाहिए, और कब?

    कभी-कभी एकादशी दो दिन की होती है। यह आमतौर पर ऐसे होती है:

    14 मार्च: गृहस्थ लोग इस दिन भी कुछ नियमों का पालन कर सकते हैं, लेकिन मुख्य व्रत उदयातिथि में ही फलदायी है।

    15 मार्च: वैष्णव संप्रदाय, संन्यासी और मोक्ष की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु इस दिन पूर्ण उपवास रखते हैं।

    क्या आप पूरी तरह से बिना खाए नहीं रह सकते? कोई बात नहीं। आप फल खाकर और दूध (फलाहार) पीकर व्रत रख सकते हैं। बस चावल, प्याज और लहसुन से दूर रहें।

    अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    22 अप्रैल को है स्कंद षष्ठी, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

    April 21, 2026

    चांदी लाएगी खुशहाली, अक्षय तृतीया पर जरूर करें यह काम…

    April 19, 2026

    अक्षय तृतीया है कल, इस दिन क्या करें और क्या न करें?

    April 18, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.