Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ड्यूटी पर तैनात डायल-112 के एक आरक्षक पर देर रात डंडे से हमला…
    • हरियाणा-राजस्थान में लाखों में बेचते थे बच्चे,दिल्ली में बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़, 20 से ज्यादा बच्चे बेचे , 12 गिरफ्तार…
    • फर्जीवाड़ा:सॉल्वर से SSC परीक्षा और मेडिकल टेस्ट दिलवाकर कॉन्स्टेबल की नौकरी हासिल की,12 दिन की ट्रेनिंग के बाद पकड़ा गया…
    • ‘लिपस्टिक फ्री कैंपस’ अभियान, पहला कॉस्मेटिक मुक्त कैंपस जिला बना कोल्लम
    • हाथों में आरती की थाली, साथ में घंटी बजाता पंडित, जम्मू कश्मीर के CM खीर भवानी मंदिर में की पूजा
    • अपने काफिले को रोका, सड़क पर खड़े लोगों से की मुलाकात, सीएम थलपति विजय का यह अंदाज
    • कर्नाटक MLC चुनाव में बीजेपी को बड़ा धक्का, दो विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
    • तेज रफ्तार कार से बचने के चक्कर में दो बाइकों की भीषण भिड़ंत, पूर्व सैनिक की मौत
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Thursday, June 18
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»अक्षय तृतीया पर दान क्यों है खास?…
    धर्म आस्था

    अक्षय तृतीया पर दान क्यों है खास?…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 16, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया को ‘आखा तीज’ के नाम से भी जाना जाता है. ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है- जिसका कभी नाश न हो. हिंदू धर्म में यह दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन शुरू किया गया कोई भी शुभ कार्य कभी नष्ट नहीं होता है. साल 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी. इस दिन लोग भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. साथ ही, इस दिन खरीदारी करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है. कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान जन्म-जन्मांतर तक फल देता है.

    पौराणिक कथा

    धर्मदास की श्रद्धा

    प्राचीन समय में धर्मदास नाम का एक वैश्य (व्यापारी) रहता था. वह बहुत गरीब था और हमेशा अपने बड़े परिवार के पालन-पोषण को लेकर चिंतित रहता था. गरीब होने के बावजूद उसका मन बहुत साफ था और देवताओं व ब्राह्मणों के प्रति उसकी गहरी श्रद्धा थी.

    अक्षय तृतीया का संकल्प

    एक बार धर्मदास ने अक्षय तृतीया के व्रत का महत्व सुना. जब यह पर्व आया, तो उसने सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान किया. देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा की और अपनी क्षमता के अनुसार दान सामग्री का प्रबंध किया. उसने ब्राह्मणों को जल से भरे घड़े, पंखे, जौ, सत्तू, चावल, नमक, गुड़, घी और वस्त्र जैसी चीजों का दान किया.

    परिवार का विरोध और अटूट विश्वास

    धर्मदास की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए उसकी पत्नी और परिवार वालों ने उसे इतना सारा दान करने से रोका. उन्हें डर था कि अगर सब कुछ दान कर दिया, तो घर का खर्च कैसे चलेगा. लेकिन धर्मदास पीछे नहीं हटे. उसने हर साल पूरी श्रद्धा के साथ अक्षय तृतीया पर दान और पुण्य का कार्य करना जारी रखा.

    भक्ति का फल

    समय बीतता गया. धर्मदास बूढ़ा और बीमार भी हो गया, लेकिन उसकी भक्ति कम नहीं हुई. अपनी इसी निस्वार्थ श्रद्धा के कारण वह अगले जन्म में कुशावती नगर का एक बहुत ही भाग्यशाली और प्रतापी राजा बना. वह इतना वैभवशाली था कि स्वयं त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) ब्राह्मण का रूप धारण कर उसके यज्ञ में शामिल होने आते थे.

    अस्वीकरण : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    प्रद्युम्न चतुर्थी कल, भूलकर भी न करें ये गलतियां

    June 17, 2026

    गुरु ग्रह करेंगे पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, इन 4 राशियों को हो सकता है धन लाभ

    June 16, 2026

    गणेश जी के 12 नामों का जाप क्यों है शुभ? धार्मिक मान्यता

    June 15, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.