Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • महिला की गला दबाकर हत्या करने के बाद युवक ने भी आत्महत्या कर ली 
    • हाजीपुर इलाके में प्रवासी मजदूर ने पत्नी को उतारा मौत के घाट
    • पहला ऑल-विमेन पुलिस थाना, पीड़ित महिलाएं बिना झिझक कह सकेंगी दिल की बात
    • इजरायल का लेबनान पर हमला ; US-ईरान शांति वार्ता को बड़ा झटका, वेंस का स्विट्जरलैंड दौरा रद
    • मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात
    • राज्यपाल श्री डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुश्री जैन ने की सौजन्य भेंट
    • किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल
    • ‘काला हिरण’ फिल्म से जुड़ी सलमान खान की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में टली सुनवाई
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, June 19
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती ?…
    धर्म आस्था

    साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती ?…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 1, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Hanuman Jayanti 2026: चैत्र पूर्णिमा की पावन तिथि आज 1 अप्रैल से शुरू हो गई है, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. इस दिन देशभर में धूमधाम से बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाया जाता है. भक्त इस दिन विशेष रूप से हनुमान जी को सिंदूर और लाल चोला अर्पित करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एकमात्र तिथि नहीं है, जब बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इसके अलावा कार्तिक मास में भी यह पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि इसके पीछे माता सीता द्वारा पवनपुत्र हनुमान को दिया गया एक वरदान है. आइए जानते हैं कि माता जानकी ने ऐसा कौन-सा वरदान दिया था, जिसके कारण साल में दो बार हनुमान जी के जन्म की खुशियां मनाई जाती हैं.

    चैत्र पूर्णिमा: जब अंजनी नंदन ने लिया अवतार

    साल में पहली बार हनुमान जयंती चैत्र मास में मनाई जाती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था. माता अंजनी और केसरी के पुत्र के रूप में जन्मे हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार माने जाते हैं. यही कारण है कि इस दिन को मुख्य ‘जन्म दिवस’ या ‘प्रकट उत्सव’ के रूप में मनाया जाता है. साल 2026 में यह तिथि 2 अप्रैल को पड़ रही है.

    कार्तिक चतुर्दशी: मां सीता के वरदान से मिला ‘दूसरा जन्म’

    दूसरी बार हनुमान जयंती कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली) को मनाई जाती है. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचे और उन्हें प्रभु श्री राम की मुद्रिका (अंगूठी) सौंपी, तो माता सीता भावुक हो गईं. उन्होंने हनुमान जी की भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर उन्हें ‘अष्ट सिद्धि’ और ‘नव निधि’ के साथ-साथ अजर-अमर होने का वरदान दिया.

    जिस दिन माता सीता ने हनुमान जी को यह आशीर्वाद दिया, वह दिन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी था. चूंकि इसी दिन हनुमान जी को एक नया आध्यात्मिक जीवन और अमरता प्राप्त हुई, इसलिए इसे उनके ‘दूसरे जन्म’ के रूप में पूजा जाता है. कई जगहों पर इसे ‘विजय अभिनंदन महोत्सव’ भी कहा जाता है.

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    स्कंद षष्ठी पर करें भगवान कार्तिकेय के इन मंत्रों का जाप

    June 19, 2026

    प्रद्युम्न चतुर्थी कल, भूलकर भी न करें ये गलतियां

    June 17, 2026

    गुरु ग्रह करेंगे पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, इन 4 राशियों को हो सकता है धन लाभ

    June 16, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.