गौरेला पेंड्रा मरवाही: पांच महिला कलेक्टरों की कार्यकुशलता से बदली जिले की पहचान
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में बीते कुछ वर्षों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है, जिसका श्रेय यहां पदस्थ पांच महिला कलेक्टरों की कार्यकुशलता और समर्पण को जाता है। इन कलेक्टरों के नेतृत्व में जिले को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिली, वहीं महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन अधिक संवेदनशील बना। आदिवासी बहुल इस जिले में महिला कलेक्टर होने के कारण आम जनता, गरीबों और विशेष रूप से महिलाओं को अपनी समस्याएं साझा करने में अधिक सहजता महसूस हुई।
जिले का गठन 10 फरवरी 2020 को किया गया था, और तब से लेकर अब तक छह कलेक्टरों ने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें से पांच महिलाएं रही हैं।
शिखा राजपूत तिवारी (10 फरवरी 2020 – 26 मई 2020)
गौरेला पेंड्रा मरवाही की पहली महिला कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी का कार्यकाल अपेक्षाकृत कम समय का रहा, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जिले में महामारी से लड़ने के लिए प्रभावी मुहिम चलाई।
नम्रता गांधी (1 जनवरी 2021 – 14 जनवरी 2022)
दूसरी महिला कलेक्टर नम्रता गांधी इससे पहले पेंड्रारोड SDM के रूप में कार्य कर चुकी थीं, जिससे उन्हें जिले की भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति की पहले से ही जानकारी थी। उनके कार्यकाल में कलेक्टर रूम का दरवाजा हमेशा आम जनता के लिए खुला रहता था। उनका मानना था कि वे वंचित और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगी। वर्तमान में वे केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।
ऋचा प्रकाश चौधरी (17 जनवरी 2022 – 30 जनवरी 2023)
तीसरी महिला कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी भी पूर्व में पेंड्रारोड SDM के रूप में सेवाएं दे चुकी थीं। पहली बार कलेक्टर बनीं ऋचा ने प्रशासनिक कार्यों पर मजबूत पकड़ बनाई और अधिकारियों-कर्मचारियों से कुशलतापूर्वक कार्य करवाने की क्षमता विकसित की। उनके कार्यकाल में जिले के पर्यटन और विकास को नई दिशा मिली, जिससे जिले को नई पहचान मिली। उनकी बेदाग़ छवि और कड़क प्रशासनिक शैली के लिए उन्हें जाना जाता है। वे चांपा, जांजगीर और दुर्ग में अपनी सेवाएं देने के बाद अब केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति पर जा रही हैं।
प्रियंका ऋषि महोबिया (30 जनवरी 2023 – 29 फरवरी 2024)
चौथी महिला कलेक्टर प्रियंका ऋषि महोबिया भी पहले पेंड्रारोड SDM के रूप में कार्य कर चुकी थीं, जिससे उन्हें जिले की सामाजिक और प्रशासनिक संरचना की अच्छी समझ थी। उनके कार्यकाल में जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया। उनका सौम्य स्वभाव और सभी के लिए सहज उपलब्धता उनकी सबसे खास विशेषता रही, जिससे जिले के लोगों को बड़ी राहत मिली।
कमलेश लीना मंडावी (वर्तमान कलेक्टर)
पांचवीं और वर्तमान महिला कलेक्टर कमलेश लीना मंडावी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से इस पद पर कार्यरत हैं। बेमेतरा के CEO पद पर सेवा देने के बाद पहली बार जिले की कलेक्टर बनीं लीना मंडावी अपने विनम्र स्वभाव और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

आदिवासी बहुल इस जिले में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए वे लगातार स्कूलों का निरीक्षण करती हैं और सुधार के प्रयास कर रही हैं। पर्यटन स्थलों के विकास में महिलाओं की विशेष भूमिका रही है, और उनके नेतृत्व में 4000 महिला समूहों का गठन किया गया। बीते एक वर्ष में 1700 से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए लोन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया गया है।
गौरेला पेंड्रा मरवाही में इन महिला कलेक्टरों के योगदान ने जिले के प्रशासन, विकास और महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

