Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ क्या है और इसके संस्थापक अभिजीत दीपके कौन हैं?24 घंटे में हजारों फॉलोअर्स! आखिर क्या है Cockroach Janta Party?
    • वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने पुलिस लाइन उर्दना में अत्याधुनिक पुलिस जिम का किया लोकार्पण
    • नारायणपुर के वनांचल में थमी भटकन,संताय पोटाई को शिविर में ही मिला नया राशन कार्ड
    • छत्तीसगढ़ में हाईटेक हुई पुलिसिंग,बलौदाबाजार में ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ वाहनों को राजस्व मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
    • सेवाभाव और संकल्प की मिसाल : मिनपा स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय पहचान
    • शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने लगातार किए जा रहे कार्य : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
    • प्रतिदिन 281 घरों में लग रहे हैं सोलर संयंत्र
    • जमीन विवाद को लेकर बेटे ने अपने परिवार पर कराया हमला, CCTV में कैद वारदात
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Wednesday, May 20
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»अंतर्राष्ट्रीय»ईरान में जल रहा यूनेस्को की सूची में शामिल विश्व प्रसिद्ध जंगल, देशों से मांगी मदद
    अंतर्राष्ट्रीय

    ईरान में जल रहा यूनेस्को की सूची में शामिल विश्व प्रसिद्ध जंगल, देशों से मांगी मदद

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inNovember 22, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    विश्व धरोहर लिस्ट में शामिल ईरान का हिरकैनियन जंगल धू-धू करके जल रहा है. आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है. हालात की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने विदेशों से मदद की अपील की है. तुर्की के बाद बेलारूस ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है.

    दुनिया के सबसे पुराने टेम्परेट वर्षावनों में से एक ये जंगल ईरान के उत्तरी हिस्से में मौजूद हैं. ये कैस्पियन सागर के ईरानी तट से लगे लगभग 1,000 किलोमीटर तक और पड़ोसी अजरबैजान तक फैले हुए हैं. यूनेस्को ने 2019 में इन जंगलों को विश्व धरोहर के तौर पर मान्यता दी थी. 2.5 से 5 करोड़ साल पुराना ये जंगल जैव-विविधता के लिए पहचाना जाता है. यहां 3,200 से ज्यादा पौधों की प्रजातियां हैं.

    ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर की शुरुआत में इस इलाके में आग लगी थी, जिसे शुरू में बुझा दिया गया था, लेकिन 15 नवंबर को यह फिर से भड़क गई. ईरान की उपराष्ट्रपति और पर्यावरण विभाग की अध्यक्ष शिना अंसारी ने कहा कि चालौस जंगल की आग को कंट्रोल करने के लिए रूस से भी मदद मांगी जाएगी.

    2 नवंबर 2025 को चालूस स्थित इलिट क्षेत्र के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में भड़की थी. शुरुआत में इसे नियंत्रित कर लिया गया था, लेकिन 60 वर्षों के सबसे गंभीर सूखे की वजह से मुरझाए पौधे और तेज हवाओं की वजह से 15 नवंबर को आग फिर से भड़क उठी. आग इतनी भयानक है कि पहाड़ी इलाकों में पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    इजराइल का कड़ा प्रहारः समुद्र में गाजा जाने वाले सभी जहाजों पर किया कब्जा

    May 20, 2026

    ‘अज्ञानी एनजीओ की रिपोर्ट पढ़कर पूछा सवाल’, नॉर्वे की पत्रकार को विदेश मंत्रालय का करारा जवाब

    May 19, 2026

    अमेरिका में एयर शो के दौरान बीच आसमान में टकराए दो फाइटर जेट…

    May 18, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.