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    Home»राष्ट्रीय»अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में महारत हासिल करना बेहद जरूरी : राजनाथ
    राष्ट्रीय

    अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में महारत हासिल करना बेहद जरूरी : राजनाथ

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inDecember 31, 2024
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    नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि तेजी से बदलती परिस्थितियाें में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में महारत हासिल करना बेहद जरूरी है और सैन्य प्रशिक्षण केन्द्र सैनिकों को इससे लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका रहे हैं।
    रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि श्री सिंह ने मध्य प्रदेश के महू में आर्मी वॉर कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, आज के लगातार विकसित होते समय में प्रौद्योगिकियों में महारत हासिल करना समय की मांग है, और सैन्य प्रशिक्षण केंद्र हमारे सैनिकों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सुसज्जित और तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
    युद्ध के तरीकों में आ रहे आमूलचूल परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सूचना युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित युद्ध, छद्म युद्ध, विद्युत-चुंबकीय युद्ध, अंतरिक्ष युद्ध और साइबर हमले जैसे गैर परंपरागत तरीके आज के समय में बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए सेना को अच्छी तरह से प्रशिक्षित और सुसज्जित रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महू प्रशिक्षण केन्द्र इन प्रयासों में बहुमूल्य योगदान दे रहा है।
    उन्होंने बदलते समय के साथ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में लगातार सुधार करने और कर्मियों को हर तरह की चुनौती के लिए लड़ने के लिए तैयार करने के लिए केंद्रों की सराहना की। श्री सिंह ने सरकार के 2047 तक देश को विकसित बनाने के विजन पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान दौर को संक्रमण काल ​​बताया। उन्होंने कहा कि भारत निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और तेजी से विनिर्माण हब के रूप में उभर रहा है।
    सैन्य दृष्टि से हम आधुनिक हथियारों से लैस हो रहे हैं। हम अन्य देशों को भी भारत में निर्मित उपकरण निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, रक्षा निर्यात, जो एक दशक पहले लगभग 2,000 करोड़ रुपये था, आज 21,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गया है। हमने 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये का निर्यात लक्ष्य रखा है।

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