कुछ वर्ष पहले तक नशों की तस्करी तथा अन्य समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पुरुषों तक ही सीमित थी परंतु अब पकड़े जाने के डर से नशा तस्करों ने छात्रों व अपने परिवार की महिलाओं तथा अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी इसमें शामिल करना शुरू कर दिया है, क्योंकि आमतौर पर छात्रों तथा महिलाओं पर पुलिस शक नहीं करती जिसकी इसी वर्ष की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 22 जनवरी को हैदराबाद में चैकिंग के दौरान एक महिला ड्रग सप्लायर को 16 किलो से अधिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया।
* 8 अप्रैल को ‘मेंगलुरु’ (कर्नाटक) में पुलिस ने छात्रों के एक बड़े ड्रग नैटवर्क का पर्दाफाश करके कॉलेज होस्टल से बाहर किराए पर कमरा लेकर रह रहे 5 छात्रों को गिरफ्तार किया, जो विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को गांजा सप्लाई करते थे।
* 10 जून को ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) एयरपोर्ट पर ‘सूरी कला’ नामक महिला कोरियर 2.15 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार की गई। अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडीकेट्स उसे बैंकॉक से चॉकलेट और बिस्कुट लाने के बहाने लालच देकर ड्रग कोरियर के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। उसके बताने पर 2 अन्य महिलाओं ‘गंगा भवानी’ और ‘गौरी’ को पकड़ा गया।
* 11 से 26 जून के बीच ‘फिरोजपुर’ (पंजाब) के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस चैकिंग के दौरान हैरोइन तस्करी के आरोप में 3 महिलाओं वीना, रानी और सीमा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। वीना के पास से 5 ग्राम तथा रानी और सीमा से 4-4 ग्राम हैरोइन बरामद की गई।।
* 30 जून को ‘तेलंगाना’ पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों से खुलासा हुआ कि वर्र्ष 2026 के शुरुआती 5 महीनों में 204 छात्रों को नशा तस्करी और बिक्री के मामलों में पकड़ा गया। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर महीने औसतन 40 छात्र नशा तस्करी के जाल में फंस रहे हैं।
* 16 जुलाई को फिरोजपुर रेंज की ‘एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ ने भारत-पाकिस्तान सीमा के पास से तस्करों के लिए काम कर रहे एक प्राइवेट पोलीटैक्निक कॉलेज में इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र ‘जगसीर सिंह’ को 12.10 किलो हैरोइन के साथ दबोचा।
* 11 अगस्त को ‘फिरोजपुर’ में पंजाब पुलिस की ‘एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ ने ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई 30.672 किलो हैरोइन बरामद की। इस मामले में पुलिस ने 3 युवकों को गिरफ्तार किया, जिनमें से 2 आरोपी अनमोल प्रीत सिंह तथा आकाश सिंह आई.टी.आई. के छात्र थे तथा अंशप्रीत सिंह फिरोजपुर में एक आर्कीटैक्ट के सहायक के रूप में काम करता था।
सुरक्षा एजैंसियों ने इस बात की पुष्टि की है कि पिछले कुछ महीनों में (विशेषकर अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच) अकेले फिरोजपुर क्षेत्र से ही 20 से अधिक ऐसी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया जिन्हें तस्करों द्वारा ‘कम संदिग्ध’ होने के कारण कोरियर या ड्रग्स ले जाने वाले ‘म्यूल्स’ (भाड़े पर काम करने वाले) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
* 16 अगस्त को ‘फिरोजपुर रेंज’ (पंजाब) पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तान-समर्थित ड्रग सिंडिकेट्स पंजाब में हैरोइन की सप्लाई चेन बनाए रखने के लिए स्थानीय छात्रों और महिलाओं को आसानी से मोटी कमाई का लालच देकर धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि इन पर सुरक्षा एजैंसियों को जल्दी शक नहीं होता। चूंकि छात्रों और महिलाओं का अवैध गतिविधियों में संलिप्त होना मुख्य रूप से आॢथक मजबूरियों का परिणाम है, अत: जहां इस बुराई को रोकने के लिए पुलिस को अधिक मुस्तैदी बरतनी होगी, वहीं छात्रों तथा महिलाओं को इस दलदल में धकेलने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने और एंटी ड्रोन सिस्टम मजबूत करने की तुरंत जरूरत है।

