रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि 45 वर्षीय बैटरी कारोबारी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दिया और बाद में स्वयं फंदे में झूलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कहा हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही होगी।
पुलिस ने शनिवार सुबह बताया कि शाहिद मूल रूप से बिहार का निवासी था। उसका भाई जहीर अली रायपुर के कुकरीपारा क्षेत्र में रहता है, जिसने पांचों शवों की पहचान की। पुलिस मकान मालिक सय्यद उमेर अली से भी पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि उमेर पूर्व महापौर एजाज ढेबर के निजी सचिव रह चुके हैं। पुलिस के अनुसार, संजय नगर निवासी मकान मालिक सय्यद उमेर अली के मकान में पिछले लगभग आठ माह से किराए पर रह रहे सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू अपनी पत्नी राबिया पुत्र इरशाद अली, पुत्री शाहिदा तथा बेटी इरशाबा बेगम के साथ रहते थे। शाहिद पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री का कारोबार करता था, जबकि उसका पुत्र एक निजी कंपनी में कार्यरत था।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम के बाद परिवार का कोई सदस्य दिखाई नहीं दिया। शुक्रवार को भी पूरे दिन घर का दरवाजा बंद रहने और किसी प्रकार की गतिविधि नहीं होने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। रात करीब 10 बजे घर के भीतर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने टिकरापारा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस, फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश करने पर शाहिद का शव कमरे में फंदे से लटका मिला, जबकि उसकी पत्नी, बेटा और दोनों बेटियों के शव कमरे में पड़े थे। पुलिस के अनुसार सभी मृतकों के मुंह से झाग निकल रहा था।
घटनास्थल की जांच के दौरान कमरे से खाने-पीने का सामान तथा एक कीटनाशक का डिब्बा बरामद किया गया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस प्रथम दृष्टया यह मानकर चल रही है कि परिवार के चार सदस्यों को खाने में जहर दिया गया और उसके बाद शाहिद ने आत्महत्या की। पुलिस का अनुमान है कि घटना गुरुवार देर रात की हो सकती है। पांचों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। देर रात तक जांच के बाद मकान को सील कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शाहिद की दोनों बेटियां पहली मंजिल पर रहने वाले दूसरे किरायेदार के परिवार के यहां अक्सर आती-जाती थीं। गुरुवार रात के बाद उनके नहीं दिखने और शुक्रवार को भी घर का दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। कई बार आवाज लगाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर मकान मालिक को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष मिलने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

