Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • लॉन्च से पहले छाया Xiaomi 17
    • देश की ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत, भारत सरकार समुद्री गैस पाइपलाइन पर कर रहा विचार
    • महिला को जबरदस्ती बस में बैठाया, चलती बस में घंटो तक किया बलात्कार, आरोपी सड़क पर फेंककर फरार…
    • उत्तर प्रदेश में,तूफान से अब तक 101 लोगों की मौत,50 से अधिक घायल सीएम ने पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने और राहत कार्य तेजी से पूरा करने के दिए निर्देश…
    • देर रात पेट्रोल पंपों में लगी लंबी कतारें रायपुर में पेट्रोल की किल्लत, कई इलाकों में बंद हुए पंप…
    • बंगाल में बकरीद से पहले सरकार ने जारी किया सख्त आदेश, अब बिना परमिट नहीं होगा पशु वध
    • घने जंगलों और नदी-नालों को पार कर स्वास्थ्य दूतों ने बचाई दो मासूमों की जान
    • 10 साल से खाँसी में खून की समस्या झेल रहे युवक को अम्बेडकर अस्पताल में मिली नई जिंदगी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, May 15
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»व्यापार»STT बढ़ाकर ट्रेडरों को बड़ा झटका, 20 पॉइंट कमा लिए, फिर भी होगा नुकसान…
    व्यापार

    STT बढ़ाकर ट्रेडरों को बड़ा झटका, 20 पॉइंट कमा लिए, फिर भी होगा नुकसान…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inFebruary 2, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    केंद्रीय बजट में सरकार ने शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए ऐसी घोषणा कर दी, जिसे सुनकर ट्रेडरों के पैरों तले जमीन खिसक गई. खासतौर पर फ्यूचर एंड ऑप्शन्स (F&O) में ट्रेड करने वाले लोगों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है. सरकार ने F&O ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी कर दी है, और यह बढ़ोतरी इतनी बड़ी है कि अब मुनाफे की कल्पना करना भी मुश्किल हो गया है. स्थिति यह रही कि बजट के ही दिन सेंसेक्स 1500 अंक गिर गया. यह टैक्स ट्रेडरों पर भारी तो पड़ने वाला है, लेकिन कितना भारी पड़ेगा, इस बारे में विस्तार से जान लीजिए.

    सरकार ने फ्यूचर ट्रेडिंग पर लगने वाला STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया है. पहली नजर में यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन हकीकत में यह पूरे 150 प्रतिशत की छलांग है. वहीं ऑप्शन्स ट्रेडिंग करने वालों को भी सरकार ने नहीं बख्शा. पहले ऑप्शन ट्रेड पर 0.01% STT देना पड़ता था, जिसे अब बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है. यानी ऑप्शन ट्रेडिंग पर सीधा 50 प्रतिशत ज्यादा टैक्स.

    जीरोधा के कैलकुलेटर से समझिए पूरी कहानी

    इस पूरे सीन को समझने के लिए हम जीरोधा के ब्रोकरेज कैलकुलेटर का उदाहरण लेते हैं. मान लीजिए निफ्टी का फ्यूचर 25,100 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है. आपने इसे 25,100 पर खरीदा और 25,100 पर ही बेच दिया. देखने में लगता है कि न आपको फायदा हुआ, न नुकसान. लेकिन सच्चाई बिल्कुल उलट है.

    अभी निफ्टी का एक लॉट साइज फिलहाल 65 का है. इस हिसाब से आपकी खरीद और बिक्री मिलाकर कुल टर्नओवर 32 लाख 63 हजार रुपये बनता है. इस टर्नओवर पर मौजूदा नियमों के अनुसार 0.02% STT लगता है, यानी 326 रुपये सीधे सरकार की जेब में चले जाते हैं. इसके अलावा जीरोधा की ब्रोकरेज 40 रुपये, एक्सचेंज चार्ज 59.71 रुपये, सेबी फीस 3.26 रुपये और स्टांप ड्यूटी 33 रुपये लगती है. कुल मिलाकर आपका नुकसान 480 रुपये 50 पैसे का हो जाता है, जबकि आपने कोई घाटे का ट्रेड किया ही नहीं था.

    ऑप्शन्स ट्रेडिंग में STT का कितना असर?

    ऑप्शन्स ट्रेडिंग की हालत भी कुछ अलग नहीं है. फिलहाल अगर आप निफ्टी का एक कॉल या पुट ऑप्शन 100 रुपये पर खरीदते हैं और 100 रुपये पर ही बेच देते हैं, तो आपको करीब 7 रुपये STT देना पड़ता है. ब्रोकरेज 40 रुपये और बाकी चार्ज मिलाकर कुल नुकसान 59.66 रुपये का होता है. अगर आप 100 पर खरीदकर 105 पर बेचते हैं, तो अभी के नियमों में टैक्स और चार्ज काटने के बाद आपका नेट प्रॉफिट करीब 265.2 रुपये बनता है.

    आखिर चाहती क्या है सरकार?

    बजट पेश होने के बाद इनकम टैक्स विभाग की तरफ से STT पर सफाई जारी गई. विभाग ने साफ कहा है कि भारत का F&O मार्केट देश की GDP से करीब 500 गुना बड़ा हो चुका है और इसका कुल ट्रांजेक्शन वॉल्यूम 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी और पूरी तरह सट्टा आधारित गतिविधि पर निगरानी और नियंत्रण के लिए यह कदम जरूरी हो गया था. इनकम टैक्स इंडिया ने X पर कुछ आंकड़े भी शेयर किए. आंकड़ों के मुताबिक, भारत की GDP करीब ₹300 लाख करोड़ है, जबकि F&O सेगमेंट का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम इससे 500 गुना से भी ज्यादा बताया गया है. सरकार का कहना है कि इतना बड़ा और पूरी तरह सट्टा आधारित कारोबार आर्थिक स्थिरता के लिए जोखिम बन सकता है. इसलिए STT बढ़ाने का फैसला लिया गया, ताकि लोग ट्रेडिंग से बचकर लॉन्ग टर्म निवेश की तरफ बढ़ें.

    कुल मिलाकर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि शेयर बाजार में रोजाना ट्रेडिंग करना अब आम आदमी के बस की बात नहीं रही. मुनाफा कमाना तो दूर, अब सही ट्रेड पर भी नुकसान उठाने की नौबत आ जाएगी. सवाल यह है कि क्या सरकार वाकई सट्टेबाजी रोकना चाहती है, या फिर ट्रेडरों को आसान कमाई का जरिया समझकर उनसे ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है? जो भी हो, इस बजट ने ट्रेडरों में डर और नाराजगी पैदा जरूर पैदा कर दी है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    लॉन्च से पहले छाया Xiaomi 17

    May 14, 2026

    सोना-चांदी हुआ महँगा, केंद्र सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% तक बढ़ाया

    May 13, 2026

    Motorola का बुक-स्टाइल फोल्डेबल फोन लॉन्च, दमदार फीचर्स के साथ…

    May 13, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.