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    Home»अंतर्राष्ट्रीय»बलूचिस्तान में दो महिलाओं में एक ने बम से उड़ाया ISI का ऑफिस, दूसरे ने मारे पाकिस्तानी सैनिक, मचाई तबाही
    अंतर्राष्ट्रीय

    बलूचिस्तान में दो महिलाओं में एक ने बम से उड़ाया ISI का ऑफिस, दूसरे ने मारे पाकिस्तानी सैनिक, मचाई तबाही

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inFebruary 2, 2026
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     पाकिस्तान में शनिवार को बलूचिस्तान में विद्रोहियों द्वारा भीषण हमला किया गया. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा किए गए हमलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. BLA के दावों के अनुसार, पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से अधिक कर्मी मारे गए हैं और कम से कम 17 लोगों को बंदी बनाया गया है. संगठन ने इन आंकड़ों को प्राइमरी अनुमान बताया और संकेत दिया कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है. हमले एक साथ कई शहरों में किए गए, जिससे सुरक्षा तंत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा. वहीं, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने जवाबी कार्रवाई में 140 विद्रोहियों के मारे जाने की बात कही है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अनुसार, कम से कम दो हमलों में महिला हमलावर शामिल थीं. BLA ने कहा है कि इन हमलों में दो महिला हमलावर शामिल थीं, जिनमें से एक की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में की गई है.

    BLA के अनुसार, आसिफा मेंगल बलूचिस्तान के नुशकी क्षेत्र की रहने वाली थीं. उसके पिता का नाम मोहम्मद इस्माइल है. 2 अक्टूबर 2002 को जन्मी आसिफा ने अपने 21वें जन्मदिन पर मजीद ब्रिगेड जॉइन की थी. यह BLA की वही इकाई मानी जाती है जो आत्मघाती हमलों को अंजाम देती रही है. BLA ने कहा, ‘आसिफा मेंगल 2 अक्टूबर 2023 को मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी और जनवरी 2024 में उसने फिदायीन बनने का फैसला किया.’ संगठन के मुताबिक उसकी मौत शुक्रवार को हुई. उसने नोशकी में आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) मुख्यालय को निशाना बनाते हुए वाहन-जनित विस्फोटक (VBIED) हमले को अंजाम दिया.

    वहीं दूसरी महिला हमलावर की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन BLA ने उसकी तस्वीरें जारी की हैं. कुछ इंडिपेंडेंट लोगों ने दावा किया है कि दूसरी महिला का नाम हवा बलोच है. उसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अन्य लड़ाकों के साथ दिखाई देती है. उसमें वह हथियार थामे मुस्कुराते हुए पाकिस्तान सरकार पर बलोच महिलाओं के दमन के आरोप लगाती सुनाई देती है और कहती है कि सरकार सीधे मुकाबले की क्षमता नहीं रखती. रिपोर्ट्स के मुताबिक हवा बलोच एक लेखिका थीं. उसके पिता भी बलूच विद्रोह से जुड़े हुए थे. उनकी कुछ समय पहले ही मौत हो चुकी है.

    वीडियो में वह बलोची भाषा में कहती है, ‘हमें बस खुद को जगाने की जरूरत है, बलोच राष्ट्र को जागना होगा. हमें बलोच सरमाचारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना होगा. दुश्मन के दिन गिने-चुने हैं, उनके पास ज्यादा ताकत नहीं बची है. बलोच राष्ट्र को समझना होगा कि इस दुश्मन के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता. देखो, आज हमारे लड़ाके अपनी जान दे रहे हैं, खुद को उड़ा रहे हैं, फिर भी कुछ लोग थोड़े से पैसों के लिए उनकी जासूसी करते हैं.’

    बलूच विद्रोही भी मारे गए

    यह पाकिस्तान में हाल के वर्षों में हुआ सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है. इससे पहले भी बलोच विद्रोही समय-समय पर सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं. पाकिस्तान की सेना ने कहा कि शनिवार को 92 अलगाववादी और शुक्रवार को 41 उग्रवादी मारे गए. BLA ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उसके भी 18 लड़ाके इस अभियान के दौरान मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड के 11 ‘फिदायीन’ (आत्मघाती हमलावर), फतेह स्क्वाड के चार और STOS यूनिट के तीन सदस्य शामिल हैं.

    संगठन ने कहा कि मारे गए लोगों के बारे में और जानकारी बाद में जारी की जाएगी. BLA के बयानों में स्थानीय आबादी से सतर्क रहने, सुरक्षा बलों से दूरी बनाए रखने और जिन इलाकों में अभियान जारी है वहां BLA लड़ाकों का समर्थन करने की अपील भी की गई.

    पाकिस्तान बोला हमलावरों के मंसूबे नाकाम

    पाकिस्तान के जूनियर मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि हमलावर आम नागरिकों के वेश में स्कूलों, बैंकों, बाजारों और अस्पतालों में घुसे और फिर गोलीबारी शुरू कर दी. हमले शुक्रवार रात शुरू हुए और शनिवार तक जारी रहे. बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि नुश्की, हब, चमन, नसीराबाद, ग्वादर और मकरान सहित कई इलाकों से हमलों की खबरें मिलीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को इस तरह के हमले की योजना की पहले से खुफिया जानकारी थी, जिसकी वजह से वे जवाबी कार्रवाई कर सके. हालांकि, उनका रोते हुए वीडियो भी सामने आया था, जिससे बलूच विद्रोहियों की इस घटना और उसके स्केल का अंदाजा लग रहा है.

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि विद्रोहियों ने चीन के नियंत्रण वाले इलाका- ग्वादर में भी हमला किया. इनमें चीनी प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाया गया. रविवार को ग्वादर पोर्ट के आस पास दिन भर रह रहकर फायरिंग हुई. ग्वादर के अलावा क्वेटा और नुश्की में भी धमाके की खबरें आईं. नुश्की में सेना की चौकी और सरकारी ऑफिसेज को निशाना बनाया गया.

    BLA ने बताया अटैक का पूरा प्लान

    पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत बलूचिस्तान दशकों से उग्रवाद की समस्या झेल रहा है. बलोच अलगाववादी समूह स्वतंत्रता और प्राकृतिक संसाधनों में अधिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. BLA ने शनिवार को कहा कि उसने ‘हेरोफ’ (ब्लैक स्टॉर्म) नामक अपने अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है.

    इसके तहत पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है. वहीं पाकिस्तानी सेना ने कहा कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों द्वारा किसी भी शहर या रणनीतिक ठिकाने पर कब्जा करने की कोशिशों को नाकाम कर दिया. यह हालिया घटनाक्रम पिछले कई वर्षों में इस प्रांत में हुई सबसे घातक हिंसक घटनाओं में से एक माना जा रहा है.

    BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच द्वारा जारी दो बयानों में कहा गया कि संगठन के लड़ाकों ने खरान, मस्तुंग, तुंप और पसनी जैसे इलाकों में अपनी कार्रवाइयां पूरी कर ली हैं, जबकि अन्य स्थानों पर अभी भी झड़पें जारी हैं. समूह ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाके क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में मौजूद रहे, जहां उनके अनुसार इस्लामाबाद की सैन्य मौजूदगी को पीछे हटने पर मजबूर किया गया.

    समूह ने दावा किया कि उसने नोशकी के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद हुसैन हजारा और सहायक आयुक्त मारिया शामू को हिरासत में लिया था और बाद में रिहा कर दिया. BLA ने इसे मानवीय कदम बताया और कहा कि वह स्थानीय सिविल प्रशासन और पुलिस को तब तक प्रत्यक्ष दुश्मन नहीं मानता, जब तक वे उसके लड़ाकों के खिलाफ सक्रिय प्रतिरोध न करें. साथ ही चेतावनी दी गई कि जो स्थानीय अधिकारी या पुलिसकर्मी कब्जा करने वाली सेना की मदद करेंगे, उन्हें दुश्मन माना जाएगा.

    मुश्किल में स्टेट गवर्नमेंट सरकार

    40 घंटे के इस भीषण हमले में कुल 12 जगहों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं. बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रांतीय सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी है. सुरक्षा कारणों से पंजाब के डेरा गाजी खान से बलूचिस्तान जाने वाले कई मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, क्वेटा से देश के दूसरे हिस्सों के लिए चलने वाली ट्रेन सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी रद्द रहीं.

    एआरवाई न्यूज के अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए बलूचिस्तान सरकार ने एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है. इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने, रैलियों, धरनों और प्रदर्शनों पर पाबंदी लगा दी गई है. इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढककर घूमने, हथियारों की नुमाइश, बाइक पर दो सवार (पिलियन राइडिंग), काले शीशों वाली गाड़ियों और बिना रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है.

    सरकार का कहना है कि ये पाबंदियां तुरंत लागू की जाएंगी और कानून तोड़ने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. राज्य सरकार बदमाशों को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश में है. उसका कहना है कि प्रांत में शांति बनाए रखने के लिए यह जरूरी कदम है.

    बलूचिस्तान की स्थिति इतनी खराब क्यों है?

    यह प्रांत अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगता है. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है. यहां पर अलगाववादी समूह अधिक स्वायत्तता या स्वतंत्रता की मांग करते रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से हाशिये पर रखा गया है और प्राकृतिक संसाधनों के बंटवारे को लेकर भी विवाद है. BLA इन संगठनों में सबसे प्रमुख है और पाकिस्तान सहित कई देशों द्वारा इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है. हालांकि पाकिस्तान ने BLA के खिलाफ कई बार सैन्य अभियान चलाए हैं, लेकिन क्षेत्र में आम नागरिकों के एक हिस्से में बलोच विद्रोहियों के प्रति सहानुभूति भी देखी जाती है.

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