Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • भाजपा की रणनीति, टीम वर्क और सांस्कृतिक जुड़ाव जीत का मंत्र
    • गर्भवती भाभी की फावड़े से काटकर हत्या, आरोपी देवर ने घर को आग लगाने की दी धमकी
    • ‘द डेविल्स’: 55 साल पहले इस हॉरर फिल्म में लगा था बैन, पर अब होगी रिलीज़
    • दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हराया
    • जानिए कौन हैं हिमंत बिस्व सरमा के साथ शपथ लेने वाले 4 नए मंत्री?
    • निर्जला एकादशी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
    • हादसा:पूजन सामग्री विसर्जित करने गंगा किनारे रोकी स्कॉर्पियो, उतरा ही था कि आंखों के सामने नदी में समा गई गाड़ी
    • धमतरी में ‘समर कैम्प 2026’ का आगाज़,36 केंद्रों पर खेल और व्यक्तित्व विकास का संगम
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, May 12
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»इच्छामृत्यु की प्रक्रिया के बीच हरीश राणा की मां की मार्मिक पुकार,‘हे प्रभु मेरे बेटे को इतना दुख न देना कि मुझसे देखा न जाए अब मेरे बेटे को और मत तड़पाना’…
    राष्ट्रीय

    इच्छामृत्यु की प्रक्रिया के बीच हरीश राणा की मां की मार्मिक पुकार,‘हे प्रभु मेरे बेटे को इतना दुख न देना कि मुझसे देखा न जाए अब मेरे बेटे को और मत तड़पाना’…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 18, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    गाजियाबाद के 31 वर्षीय हरीश राणा, जो पिछले 13 वर्षों से ‘ब्रेन डेड’ की स्थिति में बिस्तर पर अचेत पड़े थे, अब अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘पैसिव इच्छामृत्यु’ की ऐतिहासिक अनुमति मिलने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। इसी बीच हरीश की मां का एक बयान सामने आया है जो दिल को झकझोर देने वाली है। दरअसल, उनकी मां ने भागवान से प्रार्थना करते हुए कहा है कि हे प्रभु मेरे बेटे को इतना दुख न देना कि मुझसे देखा न जाए। 13 साल तक हमने हाथ जोड़कर मिन्नतें कीं, मन्नतें मांगीं, लेकिन मेरा हरीश एक शब्द न बोल सका।

    आपको बता दें कि मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत डॉक्टरों ने उनका ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया है और मंगलवार से उन्हें नली के जरिए पानी देना भी बंद कर दिया गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, आहार और जल के अभाव में अब उनके पास केवल कुछ ही दिनों का समय शेष है। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी एक कठिन परीक्षा है।

    एम्स में शुरू हुई अंतिम विदाई की प्रक्रिया

    डॉक्टरों का अनुमान है कि आहार और जल त्यागने के बाद मानव शरीर सामान्यतः एक से दो सप्ताह तक जीवित रह सकता है। इस कठिन समय में एम्स प्रशासन ने मानवीय आधार पर हरीश के माता-पिता, निर्मला देवी और अशोक राणा को उनके वार्ड के पास ही ठहरने की अनुमति दी है, ताकि वे अंतिम समय में अपने बेटे के करीब रह सकें।

    हरीश की माता के साथ अस्पताल में मौजूद एक करीबी परिचित ने बताया कि पूरा परिवार इस असहनीय पीड़ा से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हरीश का शरीर भले ही हमसे दूर जा रहा हो, लेकिन वह हमेशा हमारी यादों में जीवित रहेगा।’ बता दें कि साल 2011 में एक हादसे के बाद हरीश ‘ब्रेन डेड’ (कोमा) की स्थिति में चले गए थे। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता की दया याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिसके बाद 14 मार्च को उन्हें गाजियाबाद की राज एंपायर सोसाइटी से एम्स शिफ्ट किया गया था।

    असल में यह संवेदनशील पहल हरीश राणा के माता-पिता के उस दृढ़ फैसले का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे के निधन के बाद उसके अंग दान करने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि भले ही उनके बेटे का जीवन समाप्ति की ओर हो, लेकिन उसके अंग कई जरूरतमंद मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकते हैं और उन्हें जीवनदान दे सकते हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    हादसा:पूजन सामग्री विसर्जित करने गंगा किनारे रोकी स्कॉर्पियो, उतरा ही था कि आंखों के सामने नदी में समा गई गाड़ी

    May 11, 2026

    लोग पब्लिक प्लेस पर खुले में पेशाब नहीं करें इसके लिए मैसूर में बस स्टैंड के पास ‘मिरर वॉल’ 

    May 11, 2026

    पीएम की अपील के बाद ‘जरूरी सामान और ऊर्जा आपूर्ति पर नजर’,राजनाथ ने की बड़ी बैठक

    May 11, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.