क्राइम

जेल से बाहर आते ही प्रेमिका के दोस्त को फंसाने का था फुलप्रूफ प्लान,फर्जी कॉल और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप…

उत्तर प्रदेश के कानपुर सेंट्रल स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने दबोच लिया है। लेकिन जब आरोपी अरशद अली ने अपना जुर्म कबूला, तो सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ गए। यह पूरी साजिश किसी आतंकी संगठन की नहीं, बल्कि एक ठुकराए हुए आशिक के बदले की कहानी निकली।

प्रेमिका के दोस्त को फंसाने का था फुलप्रूफ प्लान
पकड़े गए आरोपी अरशद अली ने पूछताछ में बताया कि वह अपनी प्रेमिका से बेहद नाराज था। प्रेमिका ने न सिर्फ उसे छोड़ दिया था, बल्कि उसे एक फर्जी मुकदमे में फंसवाकर 5 साल के लिए जेल भी भिजवा दिया था। जेल से बाहर आते ही अरशद के सिर पर बदले का भूत सवार हो गया। उसने अपनी प्रेमिका और उसके नए दोस्त को जेल भिजवाने के लिए एक खतरनाक गेम प्लान तैयार किया।

फर्जी कॉल और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
27 फरवरी को अरशद ने एक फर्जी कॉल की और खुद का नाम अनिल कुमार (प्रेमिका का दोस्त) बताते हुए सूचना दी कि कानपुर सेंट्रल पर एक शख्स बम और असलहों के साथ ट्रेन उड़ाने की फिराक में है। इस एक कॉल ने यूपी ATS, मिलिट्री इंटेलिजेंस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशन टीम की रातों की नींद उड़ा दी। स्टेशन पर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई और करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

मोबाइल फोन और सिम बदलने की थी तैयारी
जीआरपी (GRP) की टीम ने आखिरकार सर्विलांस की मदद से अरशद को कानपुर सेंट्रल के सिटी साइड से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वो मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है जिससे धमकी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, अरशद इतना शातिर है कि वह आगे भी ऐसी ही घटनाओं को अंजाम देने वाला था और इसके लिए उसने नए सिम कार्ड तक जुगाड़ कर रखे थे।

पुराना अपराधी है अरशद
पुलिस जांच में सामने आया कि अरशद का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। साल 2020 में भी वह इसी तरह के एक गंभीर मामले में 5 साल की सजा काट चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस साजिश में उसके साथ कोई और भी शामिल था। फिलहाल, अनिल को फंसाने निकला अरशद खुद सलाखों के पीछे पहुंच गया है।

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