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कांग्रेस को दिल्ली स्थित ऑफिस खाली करने का नोटिस, 28 मार्च तक का मिला समय…

मंत्रालय के संपदा विभाग ने 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित ऑफिस को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस दिया है.

1978 से 24 अकबर रोड पर था कांग्रेस का ऑफिस

कांग्रेस का मुख्यालय 1978 से 24 अकबर रोड पर था, लेकिन अब यह 9ए कोटला मार्ग जा चुका है. पार्टी अकबर रोड स्थित अपने पुराने मुख्यालय का इस्तेमाल एक कार्यालय के रूप में कर रही है. भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का मुख्यालय 5 रायसीना रोड पर है.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, हमारे 24 अकबर रोड स्थित दफ्तर और यूथ कांग्रेस के दफ्तर को एक नोटिस मिला है. आज पूरे देश की प्राथमिकता क्या है? देश की प्राथमिकता यह है कि LPG की लाइनों में फंसना न पड़े, कालाबाजारी में खरीदना न पड़े, पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बोझ न उठाना पड़े, महंगाई की मार न झेलनी पड़े. हमारे गरम मसाले, केले, अंगूर, हल्दी और बासमती चावल के किसान—इन सबकी हालत अभी अटकी हुई है. यही देश की प्राथमिकता है. लेकिन सरकार की प्राथमिकता आज आपके सामने है. सरकार ने इन सभी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने को प्राथमिकता दी है. देश की सुर्खियों को अपने हिसाब से चलाने को, लोगों को उलझाए रखने को, और विपक्ष का मुंह बंद करने को; ताकि वे इन मुद्दों को उठा न सकें, सवाल पूछ न सकें, प्रेस कॉन्फ्रेंस न कर सकें, और हमारी यूथ कांग्रेस की तरह विरोध प्रदर्शन न कर सकें. आप कितनी भी कोशिश कर लें, आप कांग्रेस का मुंह बंद नहीं कर पाएंगे.

दफ्तर खाली करने के नोटिस पर पार्टी सांसद इमरान मसूद ने कहा, सरकार को लगता है कि हम पर दबाव बनाकर वह कांग्रेस को चुप करा सकती है. उन्हें हमें डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. क्या उन्होंने 11, अशोक रोड या पंत मार्ग स्थित BJP का दफ्तर खाली करवाया है? क्योंकि वे ईरान युद्ध के मामले में कुछ भी नहीं कर पाए हैं, इसलिए वे इस मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं.

मार्केट रेट पर किराया दे रहे,खाली क्यों करें- कांग्रेस

कांग्रेस ने अपने किसी वरिष्ठ सांसद के नाम पर 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड का आवंटन कराने की कोशिश की मगर हो नहीं पाया.कांग्रेस का कहना है कि सरकार जानबूझकर यह सब कर रही है.कांग्रेस ने कहा कि पार्टी 24 अकबर रोड के बंगले का मार्केट रेट पर किराया दे रही है तो उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस क्यों दिया जा रहा है? कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि दिल्ली में कई नेता सरकारी बंगले में रह रहे हैं,उसके लिए या तो वो मार्केट रेट पर किराया देते हैं या वो बंगला किसी ना किसी सांसद के नाम पर आवंटित कराया जाता है.

कांग्रेस के एक नेता ने यह सवाल उठाया कि गुलाम नबी आजाद,मुरली मनोहर जोशी जैसे नेता दिल्ली के सरकारी बंगले में कैसे रह रहे हैं.कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि 24 अकबर रोड केवल कांग्रेस का दफ्तर नहीं है,यह पार्टी के इतिहास से जुड़ा मामला है,यह कांग्रेस की धरोहर है.कांग्रेस के 140 साल के इतिहास में 24 अकबर रोड का बहुत योगदान रहा है.मैंने भी अपने रिपोर्टिंग के करियर में कई बड़े फैसलों के दौरान 24 अकबर रोड में रहा हूं.

24 अकबर रोड का इतिहास

 24 अकबर रोड के दफ्तर में कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नरसिम्हा राव का कमरा होता था जहां उनका नेम प्लेट लगा हुआ था. जब सीताराम केसरी कांग्रेस अध्यक्ष बने तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका नेम प्लेट उखाड़ फेंका था.जब सीताराम केसरी ने देवेगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लिया था और जब वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने 24 अकबर रोड आए थे, तब मीडिया का इतना जमावड़ा था कि ब्रीफिंग वाला कमरा छोटा पड़ गया था और उन्हें बाहर मैदान में प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी थी.

कानूनी लड़ाई लड़ने वाली है कांग्रेस 

24 अकबर रोड और दस जनपथ की दीवार आपस में मिलती हैं और दोनों के बीच एक दरवाजा है.सोनिया गांधी और बाद में राहुल गांधी भी पैदल चल कर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में आते रहे हैं.यहीं पर कांग्रेस एक जमाने में इफ्तार का आयोजन करती थी जो प्रथा अब खत्म हो गई है.अभी इसी साल राहुल गांधी ने होली मिलन समारोह किया था.कांग्रेस का नया दफ्तर आईटीओ के पास बनाया गया है जिसका नाम ‘इंदिरा भवन’ है मगर कांग्रेस इंदिरा भवन के साथ-साथ 24 अकबर रोड को भी अपने पास रखना चाहती है. यही वजह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि सरकार बदले की भावना से कारवाई कर रही है. तिवारी का कहना है कि 24 अकबर रोड कांग्रेस पार्टी के इतिहास से जुड़ा हुआ है इसलिए ये बंगला हम नहीं छोड़ेंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.

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