इंफाल। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार रात संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा रॉकेट और मिसाइलों से किए गए हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने कहा कि रॉकेट ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई, मोइरांग में गिरे जिससे एक घर नष्ट हो गया और घर के अंदर मौजूद भाई-बहन की मौत हो गई। मृतकों की पहचान एक पांच वर्षीय लड़के और उसकी पांच महीने की बहन के रूप में हुई है। उनकी मां को गंभीर हालत में इम्फाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह इलाका चुराचंदपुर जिले के निकट है, जो कुकी उग्रवाद का गढ़ है। मणिपुर संकट की शुरुआत इसी जिले में तीन मई, 2023 को हुई थी।
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद घायल मां की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज पॉलीक्लिनिक पहुंचे। उन्होंने पीड़ित महिला को सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल और सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बर्बर कृत्य मानवता पर सीधा हमला है और मणिपुर में लंबे समय से कायम शांति को भंग करने का प्रत्यक्ष प्रयास है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी, उन्हें ढूंढा जाएगा और कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। ऐसे आतंकी कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी सरकार प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है और शांति, व्यवस्था एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी। मैं जनता से एकजुट रहने और हमारी सामूहिक सद्भाव को भंग करने वालों के खिलाफ दृढ़ रहने का आह्वान करता हूं।” इन हत्याओं के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए और मोइरांग पुलिस थाने पर हमला कर उसका गेट जला दिया। सूत्रों के अनुसार कुछ वाहन भी जला दिए गए।
राज्य के गृह मंत्री के. गोविंदास ने भी बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई में हुए इस जघन्य हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूं। पीड़ित परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ऐसी क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन ने भी इस हमले की निंदा की। विधायक सपाम निशिकांत ने कहा, “इस बर्बर कृत्य से हुए दर्द, शोक एवं आक्रोश को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। ये सिर्फ बच्चे नहीं थे बल्कि हमारे अपने थे, मणिपुर की आत्मा का एक हिस्सा थे।” क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण रहने के कारण मंगलवार को अधिकांश शिक्षण संस्थान बंद हैं।

