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    Home»राष्ट्रीय»बंगाल में मोदी नहीं बोल रहे दीदी ओ दीदी, ममता तल्ख तेवर में कर रहीं प्रचार
    राष्ट्रीय

    बंगाल में मोदी नहीं बोल रहे दीदी ओ दीदी, ममता तल्ख तेवर में कर रहीं प्रचार

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 7, 2026
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    कोलकाता : 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए वोटिंग की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, राजनीति दिलचस्प होती जा रही है। बीजेपी ने चुनाव प्रचार की रणनीति बदल दी है। बीजेपी ने टीएमसी के आक्रमक सवालों में उलझने के बजाय ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ महिला सुरक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ और लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर टिक गई है। 2026 के चुनाव में बीजेपी ने राजनीतिक हमले के लिए सीधे तौर पर ममता बनर्जी का नाम लेने से भी परहेज किया है। 2021 क चुनाव में पीएम मोदी खुद दीदी ओ दीदी से चुनाव भाषण की शुरुआत करते थे, मगर अब वह संदेशखाली, कट मनी कल्चर और सिंडिकेट का जिक्र कर रहे हैं । दूसरी ओर, टीएमसी केंद्र सरकार के साथ चुनाव आयोग के फैसलों को टारगेट कर रही है।

    एसआईआर मुद्दे पर टीएमसी की किरकिरी

    पश्चिम बंगाल में चुनाव का आगाज एसआईआर के साये में शुरु हुआ। ममता बनर्जी और टीएमसी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। सुप्रीम कोर्ट ने 60 लाख वोटरों की जांच के लिए न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के खिलाफ तल्ख टिप्पणी भी की। 7 अप्रैल को बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट आ गई और कुल मिलाकर 90.66 वोटरों के नाम हटा दिए गए। सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि फाइनल वोटर लिस्ट में खास समुदाय को टारगेट किया गया है और उनके नाम हटाए गए हैं। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा और इसके लिए 21 अप्रैल तक प्रचार होंगे। दूसरे चरण के लिए 27 अप्रैल तक प्रचार होगा। पहले टीएमसी ने बीजेपी को बाहरी पार्टी बताते हुए दावा किया था कि अगर भगवा पार्टी सत्ता में आई तो नॉनवेज की बिक्री पर पाबंदी लग जाएगी। इसके बाद से बीजेपी के कैंडिडेट मछली के साथ प्रचार करते नजर आए।

    राजनाथ सिंह ने दिया पाकिस्तान को जवाब

    बंगाल चुनाव में 2400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं, जिनमें से 20 हजार सशस्त्र महिला बल हैं। सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को भी निशाने पर लिया। उन्होंने एक बयान में कहा कि यूपी के सीआरपीएफ अटैक कर देंगे। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की कोलकाता पर हमले की धमकी के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले फिर से पहलगाम हो सकता है। मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर संयमित बयान दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 55 साल पुराने इतिहास को नहीं भूला है। जब 1971 में बंगाल पर नजर डाली थी, तब पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए थे। अगर ऐसी हरकत की तो अंजाम भी भुगतना होगा। जब उनसे पूछा गया कि टीएमसी बीजेपी के बड़े नेता के बयान की मांग कर रही है तो उन्होंने कहा कि मैं देश का रक्षा मंत्री हूं।

    पांच साल में बीजेपी ने ग्राउंड पर मेहनत की

    एक्सपर्ट मानते हैं कि 2026 का पश्चिम बंगाल चुनाव में पिछले चुनाव से अलग है। 2021 में बीजेपी ने नैरेटिव और प्रचार के जरिये माहौल बनाया था, जबकि जमीन पर उसके राज्य के कई हिस्सों में कार्यकर्ता नहीं थे। उस चुनाव में बीजेपी ने ब्रांड मोदी को भुनाने की कोशिश की थी। पिछले पांच साल में बीजेपी ने ग्राउंड पर अपनी स्थिति मजबूत की है। पार्टी के रणनीतिकार और नेता लंबे समय से काम कर रहे हैं और उसका असर दिखने लगा है। दूसरी ओर टीएमसी के सामने 15 साल के शासन की एंटी इम्कबेंसी भी है। संदेशखाली और आरजी कर केस की पीड़ितों को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने महिला सुरक्षा को चुनावी मुद्दा बना दिया है। अभी तक आए ओपिनियन पोल में बीजेपी और टीएमसी में कांटे की टक्कर सामने आई है। अभी प्रचार के दो सप्ताह बाकी हैं। रिजल्ट 4 मई को आएगा।

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