हरियाणा – गुरुग्राम में स्थित आईएमटी मानेसर थाना क्षेत्र के गांव कासन में प्रतिशोध की एक भयानक आग ने पूर्व सैन्यकर्मी की जान ले ली। मृतक की पहचान 55 वर्षीय सुंदर फौजी के रूप में हुई है, जो पूर्व एनएसजी कमांडो थे। सुंदर फौजी साल 2018 में हुए सरपंच बहादुर हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में से एक थे और महज एक महीने पहले ही पैरोल पर जेल से बाहर आए थे।
सैर से लौटते वक्त हुआ हमला
पुलिस जांच के अनुसार, यह वारदात गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे हुई। सुंदर फौजी सुबह की सैर के बाद घर लौट रहे थे और रास्ते में ‘चौहान बूट हाउस’ के बाहर बैठे थे। इसी दौरान दो युवक पीछे से आए और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 5 राउंड फायर किए, जिससे सुंदर फौजी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।
सीसीटीवी में कैद हुई 10 सेकंड की खूनी वारदात
आपको बता दें कि इस पूरी घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावरों ने केवल 10 ही सेकंड के भीतर पूरी वारदात को अंजाम दिया। पहली गोली लगते ही पूर्व कमांडो जमीन पर गिर गए, जिसके बाद भी हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसाना जारी रखा और फिर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
इलाके में दहशत, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
गुरुग्राम में दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और सुंदर फौजी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक सुंदर फौजी अप्रैल 2018 में हुई सरपंच बहादुर की हत्या के मामले में आरोपी था। अंदेशा है कि सरपंच के बेटे ने अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

