Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • महिला की गला दबाकर हत्या करने के बाद युवक ने भी आत्महत्या कर ली 
    • हाजीपुर इलाके में प्रवासी मजदूर ने पत्नी को उतारा मौत के घाट
    • पहला ऑल-विमेन पुलिस थाना, पीड़ित महिलाएं बिना झिझक कह सकेंगी दिल की बात
    • इजरायल का लेबनान पर हमला ; US-ईरान शांति वार्ता को बड़ा झटका, वेंस का स्विट्जरलैंड दौरा रद
    • मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात
    • राज्यपाल श्री डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुश्री जैन ने की सौजन्य भेंट
    • किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल
    • ‘काला हिरण’ फिल्म से जुड़ी सलमान खान की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में टली सुनवाई
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, June 19
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»Blog»“जरूरी चीजें भारत में बनाएं”, मध्य एशिया में संकट को लेकर एक्शन में PM मोदी, Make in India प्लान पर काम तेज
    Blog

    “जरूरी चीजें भारत में बनाएं”, मध्य एशिया में संकट को लेकर एक्शन में PM मोदी, Make in India प्लान पर काम तेज

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMay 22, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मध्य एशिया में अनिश्चितता का माहौल है। बम और मिसाइलें की गूंज भले ही बंद हो गई हों, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। भारत में अर्थव्यवस्था हिचकोले खाने लगी है। महंगाई दर बीते कई महीनों की तुलना में ज्यादा है। एलपीजी संकट के बाद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा हुआ है। अब मोदी सरकार देश को इस संकट से निकालने की तैयारी में जुटी है।

    गुरुवार को पीएम मोदी ने बुलाई मंत्री परिषद की बैठक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने बीते गुरुवार को मंत्री परिषद की बैठक बुलाई। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पश्चिम एशिया में संकट की वजह से ऊर्जा व अन्य सेक्टर के सप्लाई चेन पर व्यापक रूप से असर पड़ा है। लिहाजा, भारत सरकर अब मेक इन इंडिया प्लान पर काम करने की तैयारी में है।

    200 से ज्यादा जरूरी चीजें भारत में बनाएं

    मोदी सरकार ने पेट्रोकेमिकल उद्योग को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि 200 से ज्यादा जरूरी चीजों को जल्द से जल्द भारत में ही बनाना शुरू करें। ये चीजें हर साल 50 अरब डॉलर यानी करीब 4 लाख करोड़ रुपये के आयात के बराबर हैं।

    उद्योग जगत के लोगों के साथ सरकार की बैठक

    DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) के अधिकारियों ने उद्योग जगत के लोगों के साथ बैठक की। सरकार ने कहा कि इससे निपटने के लिए आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। सरकार व उद्योग जगत का मानना है कि पुराना स्टॉक होने के चलते देश पर अभी व्यापक असर नहीं दिख रहा है, लेकिन अगर स्थिति बिगड़ी और युद्ध दोबारा शुरू हुआ तो देशभर के कारखाने, निर्माण कार्य और रोजमर्रा की चीजों पर असर पड़ेगा।

    56 अरब डॉलर का आयात

    पीवीसी, पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइरीन जैसी चीजें जो पैकिंग फिल्म, प्लास्टिक कंटेनर और रोजाना इस्तेमाल की वस्तुओं के लिए जरूरी है। उन्हें देश में ही बनाने को कहा है। इसके अलावा फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया, एसीटिक एसिड, टोल्यूइन जैसी चीजें भी हैं जो खेती, उर्वरक, पेंट, टेक्सटाइल और मेडिकल डिवाइस बनाने में काम आती हैं। उसे भी स्वदेश में बनाया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि कुल 56 अरब डॉलर के आयात में से ज्यादातर क्षेत्रों में भारत निर्यात तो कर ही नहीं पाता, बल्कि आयात पर पूरी तरह निर्भर है।

    सिर्फ PLI स्कीम से काम नहीं चलेगा

    एक्सपर्ट्स ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार के PLI स्कीम से काम नहीं चलेगा। हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग नीति बनानी होगी। कुछ में स्केल की कमी है। कुछ में तकनीक की समस्या है। कुछ में सप्लाई चेन की दिक्कत है।

    ट्रेड एक्सपर्ट अजय श्रीवास्तव कहते हैं कि सिर्फ टैरिफ बढ़ाने या PLI स्कीम से काम नहीं चलेगा। हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग नीति बनानी होगी। कुछ में स्केल की कमी है, कुछ में टेक्नोलॉजी, तो कुछ में सप्लाई चेन की समस्या है। खासतौर पर 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा के आयात वाले आइटम जैसे पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीकार्बोनेट और पीवीसी रेजिन सबसे ज्यादा जोखिम वाले हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर चीजें FMCG पैकिंग, ई-कॉमर्स, निर्माण कार्य, ऑटोमोबाइल और खेती से जुड़ी हैं। अगर आयात प्रभावित हुआ या सप्लाई चेन टूटी तो महंगाई बढ़ेगी और उत्पादन प्रभावित होगा। सरकार अब उद्योग से उम्मीद कर रही है कि वे जल्द से जल्द प्लान बनाकर स्वदेशी उत्पादन बढ़ाएं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    दिशा पटानी की बर्थडे पार्टी में मौनी रॉय से कृष्णा श्रॉफ तक इन सेलेब्स ने लगाए चार चांद

    June 14, 2026

    ‘आपके पिताजी मेरे अभिभावक थे..’: निशिकांत दुबे और कीर्ति आजाद आमने-सामने

    June 12, 2026

    फिलीपीन में भूकंप से 8 की मौत व 200 से ज्यादा घायल; दिल दहलाने वाली वीडियो देखकर कांप गई दुनिया

    June 8, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.