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    Home»छत्तीसगढ़»गंभीर रूप से झुलसे मासूम को मिली नई जिंदगी, मौत से जंग जीतकर मुस्कुराया मासूम, भिलाई के बर्न यूनिट ने लौटाई जिंदगी
    छत्तीसगढ़

    गंभीर रूप से झुलसे मासूम को मिली नई जिंदगी, मौत से जंग जीतकर मुस्कुराया मासूम, भिलाई के बर्न यूनिट ने लौटाई जिंदगी

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMay 24, 2026
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    50 प्रतिशत तक झुलसे बच्चे को मिला नया जीवन, अस्पताल में मनाया गया जन्मदिन

    भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का जवाहरलाल नेहरू अस्पताल और अनुसंधान केंद्र स्थित एडवांस बर्न केयर यूनिट ने गंभीर रूप से झुलसे एक बाल मरीज का सफल उपचार कर संवेदनशील और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। आधुनिक सुविधाओं, प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम और मानवीय देखभाल के समन्वय से यह यूनिट प्रदेश में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है।

    बर्न विभागाध्यक्ष एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय धाबर्डे ने बताया कि अमेरिकन बर्न एसोसिएशन के मानकों के अनुसार बच्चों में 20 प्रतिशत से अधिक तथा वयस्कों में 40 प्रतिशत से अधिक जलना अत्यंत गंभीर स्थिति मानी जाती है। संबंधित बाल मरीज लगभग 50 प्रतिशत तक झुलस गया था और कई दिनों तक अन्य अस्पतालों में उपचार के बाद सेप्टीसीमिया की अवस्था में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय लाया गया। मरीज के शरीर के साथ मलद्वार और मूत्रमार्ग के आसपास का हिस्सा भी गंभीर रूप से प्रभावित था, जिससे संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ था।

    ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में बर्न यूनिट की टीम ने मरीज के उपचार के साथ उसके शारीरिक और मानसिक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया। बार-बार ड्रेसिंग और असहनीय पीड़ा के बीच बच्चे को हाई प्रोटीन एवं हाई फाइबर आहार दिया गया, वहीं नसों के माध्यम से पैरेंट्रल न्यूट्रिशन उपलब्ध कराया गया ताकि रिकवरी प्रक्रिया को गति मिल सके। ड्रेसिंग के दौरान दर्द कम करने के लिए विशेष एनाल्जेसिक इंजेक्शन दिए जाते रहे।

    मरीज के मानसिक तनाव को कम करने के लिए यूनिट में मानवीय वातावरण विकसित किया गया। प्ले हाउस में खिलौने, कार और मनोरंजन की व्यवस्था की गई तथा टीवी पर कार्टून फिल्में दिखाकर बच्चे का ध्यान दर्द से हटाने का प्रयास किया गया। चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित रूप से आत्मीय संवाद करते हुए बच्चे का मनोबल बढ़ाते रहे।

    इलाज के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब बच्चे की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। शरीर में सूजन बढ़ गई थी और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। इसी दौरान बच्चे का जन्मदिन आया, जिसे बर्न यूनिट की टीम ने अस्पताल परिसर में ही केक, बैलून और सजावट के साथ मनाया। बच्चे ने मोमबत्ती बुझाकर केक काटा और लंबे समय बाद उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। यह भावुक क्षण चिकित्सकीय टीम और परिजनों दोनों के लिए यादगार बन गया।

    अस्पताल से छुट्टी के समय बच्चे के माता-पिता ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने बच्चे के बचने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, लेकिन जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय का बर्न यूनिट उनके लिए संजीवनी साबित हुआ।

    पूरे उपचार के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी का विभाग को निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर ने कहा कि एडवांस बर्न केयर यूनिट अस्पताल का अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो गंभीर मरीजों के उपचार में पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।

    इस सफल उपचार में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. अनिरुद्ध मेने, जूनियर ऑफिसर सुनीता साहु, वार्ड इंचार्ज शोभा सिस्टर सहित नर्सिंग स्टाफ, ड्रेसर, सेनेटरी वर्कर और अटेंडेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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