नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संस्थानों में स्टाफ कारों के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ऊर्जा बचत और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से जारी नए नियमों के तहत अधिकारियों को अब स्टाफ कार के उपयोग में निर्धारित सीमाओं का पालन करना होगा।
वित्त मंत्रालय ने व्यय विभाग की सहमति से जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक उपक्रमों में स्टाफ कारों के दुरुपयोग की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब सभी विभागों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
अतिरिक्त प्रभार पर नहीं मिलेगी दूसरी कार
नए निर्देशों के अनुसार, कोई अधिकारी यदि अपने मूल पद के लिए पहले से स्टाफ कार का उपयोग कर रहा है और उसे किसी अन्य विभाग या मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलता है, तो उसे दूसरी सरकारी कार उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। ऐसे मामलों में अतिरिक्त विभाग की निष्क्रिय गाड़ियों को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा।
500 किलोमीटर से अधिक चलने पर देनी होगी राशि
वित्त मंत्रालय ने पहले जारी नियमों को दोहराते हुए कहा है कि एक स्टाफ कार महीने में अधिकतम 500 किलोमीटर तक ही उपयोग की जा सकेगी। यदि यह सीमा पार होती है तो अतिरिक्त दूरी के लिए संबंधित अधिकारी को 24 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करना होगा।
ईंधन की सीमा भी तय
सरकारी स्टाफ कारों के लिए प्रति माह अधिकतम 250 लीटर ईंधन की सीमा निर्धारित की गई है। इससे अधिक खपत होने पर प्रशासनिक सचिव की मंजूरी और वित्तीय सलाहकार की सहमति आवश्यक होगी। साथ ही, अधिकारियों को हर सप्ताह वाहन की लॉग बुक और उपयोग रिकॉर्ड की समीक्षा करनी होगी।
सरकारी उपक्रमों की गाड़ियों का निजी उपयोग नहीं
निर्देशों में कहा गया है कि केंद्र सरकार के अधिकारी सरकारी उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की गाड़ियों को अपने नियमित उपयोग के लिए नहीं रख सकेंगे। हालांकि आधिकारिक दौरे के दौरान उनका उपयोग किया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकारी विभागों द्वारा किराये पर वाहन लेने की स्थिति में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्टाफ कारों के रखरखाव, ईंधन खर्च, मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स का पूरा रिकॉर्ड लॉग बुक में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
केवल आधिकारिक कार्यों के लिए उपयोग
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्टाफ कारों का उपयोग केवल वास्तविक सरकारी कार्यों के लिए ही किया जाएगा। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय से बाहर आधिकारिक यात्रा के लिए भी वाहन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य स्टाफ कारों के संचालन पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करना और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

