लियाकी फ्रीडम (Liaki Freedom) जहाज पर हमले में भारतीय नाविकों की मौत की खबरें सोशल मीडिया पर फैल रही है। इन खबरों पर अब भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) की प्रतिक्रिया सामने आ गई है और इस रिपोर्ट में इन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया गया है। मंत्रालय ने जहाज के कप्तान से सीधे संपर्क किया है, जिसने पुष्टि की कि सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ है।
मिसाइल अटैक सिर्फ एक अफवाह
सोशल मीडिया पर इस बात की अफवाह फैल गई कि ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में लियाकी फ्रीडम जहाज को नुकसान पहुंचा। इस जहाज पर भारतीय नाविक भी सवार थे और इस बात की अफवाह फैल गई कि हमले में 4 भारतीय नाविक मारे गए, लेकिन अब विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि मिसाइल अटैक की खबर फर्जी थी और साथ ही भारतीय नाविकों के मारे जाने की खबर भी पूरी तरह से गलत थी।
क्या कहना है समुद्री सुरक्षा एक्सपर्ट्स का?
समुद्री सुरक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा हालात में आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि किए बिना कोई नतीजा नहीं निकालना चाहिए, क्योंकि बिना पुष्टि वाली खबरों से समुद्री कर्मियों के परिवारों और समुद्री समुदाय में बेवजह चिंता पैदा हो सकती है। समुद्री सुरक्षा एक्सपर्ट्स ने यह भी साफ कर दिया कि ‘मरीन टैंक्स’ लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जैसे ही कोई आधिकारिक जानकारी आएगी, उसकी सूचना दी जाएगी।
कुछ दिन पहले 3 भारतीय नाविकों की मौत
10 जून को ओमान तट के पास पलाउ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो जहाज पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। मृतकों में डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल थे। हमले के बाद पहले तीनों लापता हो गए थे, लेकिन बाद में इनकी मौत की पुष्टि हो गई थी। वहीँ इस जहाज पर सवार 21 अन्य भारतीय नाविकों को बचा लिया गया था। ईरान ने इसके लिए अमेरिका की निंदा की थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर ही इसका आरोप लगा दिया। ट्रंप के आरोप को ईरान ने बेबुनियाद बताते हुए इसे एक हफ्ते से भी कम समय में भारतीय नाविकों वाले 3 जहाज़ों पर हमले और एक जहाज पर हमले में 3 बेगुनाह भारतीय नाविकों की मौत की सच्चाई से ध्यान हटाने की कोशिश बताया और साथ ही इसे शर्मनाक करार दिया।

