पटना के फेमस टीचर खान सर को फिलहाल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को बरकरार रखा है और मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को तय की है. वहीं पुलिस ने उनके बॉडीगार्ड के हथियार को अवैध होने का दावा किया है. इस पर कोर्ट ने हथियार से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज पेश करने के लिए समय देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी.
कोर्ट में आज की बहस खान सर के बॉडीगार्ड के हथियार पर ही केंद्रित थी. लोक अभियोजक राजेश कुमार ने कहा कि खान सर के गार्ड तालेश्वर सिंह उर्फ तालेबर सिंह के हथियार का परमिट सिर्फ यूपी के लिए है. वहीं प्रदीप को हथियार आत्मरक्षा के लिए मिला है. इन हथियारों को एजेंसी के माध्यम से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने हथियारों से जुड़े दस्तावेज मांगे
उन्होंने बताया कि, इन हथियारों को लोकल थाने को सूचना देने के बाद ही रखा जा सकता है. खान सर ने स्थानीय थाने को सूचना नहीं दी है. गार्ड पर अवैध हथियार से फायरिंग का मामला बनता है. खान सर के कहने पर उन्होंने फायरिंग की. इसलिए उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए. कोर्ट ने हथियारों से जुड़े दस्तावेज मंगवाये हैं. इसलिए अब मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी.
दरअसल, इससे पहले पटना सिविल कोर्ट में शिक्षक फैसल खान (खान सर) और रोशन आनंद के बीच चल रहे कानूनी विवाद पर सुनवाई हुई. जहां रोशन आनंद की तरफ से जुड़े दो साथियों को जमानत मिल गई, वहीं पुलिस केस डायरी अधूरी होने के कारण कोर्ट ने खान सर की अग्रिम ज़मानत याचिका पर विचार टाल दिया. जिला और सत्र न्यायाधीश ने गौरव कुमार और अभिषेक कुमार को बिना किसी शर्त के जमानत दे दी, जो रोशन आनंद गुट से जुड़े हैं.
इस आदेश के बाद, उन्हें बेउर जेल से रिहा करने के लिए ज़मानत बॉन्ड भरने और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू हुई. रोशन आनंद की तरफ से पेश वकील राघव कुमार के अनुसार, कोर्ट ने बिना कोई शर्त लगाए जमानत दे दी. कोर्ट फैसल खान की अग्रिम ज़मानत याचिका या उनके दो निजी सुरक्षा गार्डों की नियमित ज़मानत याचिकाओं पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले सका.
केस डायरी पर फंसा पेंच
सुनवाई के दौरान, जज ने पाया कि पुलिस द्वारा सौंपी गई अपडेटेड केस डायरी अधूरी थी. कोर्ट ने जांच एजेंसी को अगली सुनवाई से पहले पूरी और विस्तृत केस डायरी जमा करने का निर्देश दिया. हालांकि अग्रिम ज़मानत याचिका अभी लंबित है, लेकिन खान सर को अगली सुनवाई की तारीख तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा मिली हुई है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जांच के दायरे में आई गोलीबारी की घटना कथित तौर पर आत्मरक्षा में नहीं की गई थी.
पुलिस ने केस डायरी में कहा है कि खान सर के साथ मौजूद दो सुरक्षाकर्मियों ने इलाके में दहशत और डर पैदा करने के इरादे से उनके कहने पर गोली चलाई थी हालांकि, ये आरोप अभी भी चल रही जांच का हिस्सा हैं और कोर्ट ने इन पर अभी कोई फैसला नहीं सुनाया है. खान सर के वकील अरविंद कुमार मौर्य ने कोर्ट में तर्क दिया कि गोलीबारी की घटना में उनके मुवक्किल की कोई भूमिका नहीं थी. बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि फैसल खान को झूठे मामले में फंसाया गया है और आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है.
खान सर और रोशन आनंद के बीच विवाद में कई आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं. रोशन आनंद ने खान सर पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है और उन्हें अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या से भी जोड़ा है. इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और कोर्ट ने इस मामले में अभी तक किसी आपराधिक दायित्व की पुष्टि नहीं की है। पुलिस को अगली सुनवाई से पहले पूरी केस डायरी जमा करने का निर्देश दिए जाने के बाद, 27 जून को होने वाली कार्यवाही से इस मामले की आगे की दिशा तय होने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है.

