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    Home»अंतर्राष्ट्रीय»खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए तीन बेटे, उत्तराधिकारी मोजतबा ने क्यों बनाई दूरी?
    अंतर्राष्ट्रीय

    खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए तीन बेटे, उत्तराधिकारी मोजतबा ने क्यों बनाई दूरी?

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 5, 2026
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    तेहरान। ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। रविवार को खामेनेई के तीन बेटों ने और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों ने ताबूत के पास प्रार्थना की लेकिन उनके उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई नहीं दिखाई दिए।

    सरकारी टीवी पर मुस्तफा, मेसम और मसूद खामेनेई को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाला (एक बड़े धार्मिक परिसर) के विशाल आंगन में रखे ताबूतों के पीछे प्रार्थना करते हुए दिखाया गया।

    इराक भी ले जाया जाएगा खामेनेई का शव

    धार्मिक शासन वाले देश के प्रति लोगों की श्रद्धा और क्रांतिकारी जोश दिखाने के लिए इस्लामिक रिपब्लिक खामेनेई के लिए एक हफ्ते तक बड़े पैमाने पर अंतिम संस्कार जुलूस निकाल रहा है। इसमें उनके पार्थिव शरीर को पड़ोसी देश इराक में शिया धार्मिक स्थलों पर ले जाना भी शामिल है।

    मोजतबा को लेकर कोई जानकारी नहीं आई सामने

    मोजतबा को लेकर अभी तक कोई तस्वीर या जानकारी सामने नहीं आई है। कहा जाता है कि 28 फरवरी को हुए उस हमले में वह घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्य मारे गए थे। यह हमला तब हुआ था जब युद्ध की शुरुआत में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की थी।

    इस हमले में मोजतबा खामेनेई का चेहरा बुरी तरह घायल हो गया था और उनके एक या दोनों पैरों में गंभीर चोट आई थी। यह जानकारी उनके करीबी लोगों ने रॉयटर्स को दी।

    रुका हुआ है चार महीनों से चल रहा युद्ध

    वॉशिंगटन के साथ हुए एक समझौते के तहत चार महीने से चल रहे युद्ध को फिलहाल रोक दिया गया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते से अंततः भारी आर्थिक लाभ होगा और इसे वे एक महाशक्ति पर अपनी जीत के तौर पर देख रहे हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक्सियोस (Axios) समाचार वेबसाइट को बताया कि अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के कारण शांति वार्ता को एक हफ्ते के लिए रोक दिया गया था।

    आंसू पोंछते दिखे मसूद

    रविवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने ताबूतों के पीछे नमाज पढ़ी। जब इमाम जनाजे की नमाज पढ़ रहे थे तो मसूद खामेनेई रोते हुए और अपनी आंखों से आंसू पोंछते हुए दिखे। उन्होंने केफिया (चेकदार स्कार्फ) पहना हुआ था, जो ईरान में उग्र क्रांतिकारी विचारों और फलस्तीनियों के साथ एकजुटता का प्रतीक है।

    इस मौके पर भारी भीड़ भी इकट्ठी हुई जिनमें से कई रो रहे थे और कुछ अपनी छाती पीट रहे थे। वे रात भर वहां डटे रहे। ईरान की मेट्रो रेलवे सेवा ने बताया कि शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक 70 लाख लोगों ने यात्रा की।

    सोमवार को मध्य तेहरान में एक विशाल जुलूस के बाद मंगलवार को होने वाले कार्यक्रमों के लिए शव को ईरान में शिया धर्मगुरुओं के केंद्र धार्मिक शहर कोम ले जाया जाएगा। वहां से शव को बुधवार को इराक ले जाया जाएगा, जहां शियाओं के पवित्र तीर्थ स्थलों नजफ और कर्बला में कार्यक्रम होंगे।

    गुरुवार को शव ईरान वापस लाया जाएगा और मशहद में एक और जुलूस निकाला जाएगा, जिसके बाद मध्यकालीन शिया इमामों में से एक के मकबरे के पास उसे दफनाया जाएगा। अधिकारियों ने आने वाले दिनों में बड़े जुलूसों के लिए लाखों लोगों को इकट्ठा करने की योजना बनाई है, जिसके तहत उन्हें ट्रांसपोर्ट, खाना और रहने की सुविधा दी जाएगी।

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