अमेठी के गौरीगंज में कौहार स्थित सैनिक स्कूल में मारपीट और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है. आरोप है कि स्कूल परिसर में तैनात क्वार्टर मास्टर पुनीत सेन ने वाइस प्रिंसिपल लेफ्टिनेंट कर्नल भरत पाटनी के साथ मारपीट करने की, जिससे वो घायल हो गए. भरत पाटनी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रतिष्ठित स्कूल परिसर में हुई मारपीट की घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक़ अमेठी में स्थित सैनिक स्कूल में मंगलवार को किसी बात को लेकर क्वार्टर मास्टर पुनीत सेन और वाइस प्रिंसिपल भरत पाटनी के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया. इस घटना में पाटनी के हाथ और कान के पास चोट आई और उनका मोबाइल फोन भी टूट गया. घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
गौरीगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई और आरोपी पुनीत सेन को हिरासत में ले लिया है. शुरुआती पूछताछ में दोनों के बीच लंबे समय से मनमुटाव की बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को चोटें आई हैं. घायल वाइस प्रिंसिपल का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है. तहरीर मिलने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
जुलाई में भी ड्राइवर से की थी मारपीट
बता दें कि सैनिक स्कूल में मारपीट की यह पहली शिकायत नहीं है. इससे पहले जुलाई 2026 में भी इसी क्वार्टर मास्टर पुनीत सेन पर स्कूल के एक कर्मचारी से मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगा था. स्कूल में ड्राइवर के पद पर कार्यरत गजेंद्र सिंह ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी ड्यूटी को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद पुनीत ने उससे मारपीट की.
गजेंद्र सिंह का दावा है कि लिखित शिकायत और मेडिकल परीक्षण होने के बावजूद उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई. शिकायत कर्ता ने ये भी कहा कि क्वार्टर मास्टर के पास लाइसेंसी हथियार है. जिससे उन्हें, उनके परिवार, अन्य कर्मचारियों और स्कूल के विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर आशंका है.
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
जुलाई में शिकायत के बावजूद आरोपी पर कार्रवाई नहीं की गई और अब वाइस प्रिंसिपल के साथ मारपीट की घटना ने सैनिक स्कूल के आंतरिक माहौल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि जुलाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

