नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रशासनिक गलियारों की हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ मंत्रालय कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित एक विशाल आम सभा में करीब 700 कर्मचारियों ने हिस्सा लेकर शासन की नीतियों और कुछ अधिकारियों की कार्यशैली के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। सभा में उमड़ी भीड़ और कर्मचारियों के तीखे तेवरों को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रालय में कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है और एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।कर्मचारियों की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण विधानसभा से पारित होने के बावजूद मंत्रालय के लंबित सेटअप आदेश हैं। इस नए सेटअप को केंद्रीय सचिवालय की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जिसे लेकर कर्मचारियों में भारी असमंजस और असंतोष है। इसके अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में पदस्थ उप सचिव को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग ने तूल पकड़ लिया है। कर्मचारियों ने उन पर कर्मचारी-विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। साथ ही, संघ ने मांग की है कि सामान्य प्रशासन विभाग के महत्वपूर्ण कक्ष-8 में अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी की पदस्थापना की जाए।

इस विरोध की आग को ई-ऑफिस प्रणाली के जरिए लगातार जारी हो रहे पत्रों के दबाव और विभागों में बढ़ रही आउटसोर्सिंग की नीति ने और भड़का दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्सिंग से नियमित पदों का महत्व खत्म हो रहा है। आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर चेतावनी दी गई है कि यदि शासन ने इन मांगों पर जल्द ही ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो मंत्रालय के कर्मचारी उग्र आंदोलन और तालाबंदी के लिए मजबूर होंगे।

