जुलाई के आखिरी सप्ताह में दो प्रमुख ग्रह बुध और शनि अपनी चाल में बदलाव करने जा रहे है। 24 जुलाई (शुक्रवार) को बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक बुध मिथुन राशि में मार्गी (सीधी चाल) हो चुके है, जबकि 27 जुलाई से कर्म और न्याय के कारक शनि मीन राशि में वक्री (Shani Vakri) होंगेयानी उल्टी चाल चलेंगे। शनि 11 दिसंबर तक यानी कुल 138 दिन वक्री रहेंगे। ग्रहों के इस दोहरे परिवर्तन का प्रभाव 12 राशियों के साथ बैंकिंग, शेयर बाजार, प्रशासनिक कार्यों और दीर्घकालिक योजनाओं पर भी देखने को मिल सकता है।
वक्री होंगे शनि, बुध बदलेंगे अपनी चाल
बुध के मार्गी होने से व्यापार, शिक्षा, तकनीक, संचार और लंबे समय से लंबित योजनाओं को गति मिलने की संभावना है। शनि के वक्री रहने की अवधि प्रभावित जातकों के लिए आत्ममंथन, जिम्मेदारियों की समीक्षा और अधूरे कार्यों को पूरा करने का समय मानी जा रही है। वक्री शनि पुरानी योजनाओं, छूटे हुए कार्यों और लंबित जिम्मेदारियो का दोबारा मूल्यांकन कराते हैं। इस दौरान धैर्य बनाए रखने तथा पारिवारिक और बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है।
ऐसे बनाएं ग्रहों को अनुकूल
श्रीगणेश उपासना : बुधवार को गणपति जी की पूजा करें, वाणी पर नियंत्रण रखें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
शनिदेव की कृपा : शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें और बेसहारा व जरूरतमंद लोगों की यथासंभव मदद करें।
इन राशियों के लिए बेहद अहम समय
मिथुन : व्यापार, तकनीकी क्षेत्र और शिक्षा से जुड़े कामों में तेजी के योग।
सिंह : साझेदारी और आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं।
वृश्चिक : कॅरियर, स्वास्थ्य और निवेश में सतर्कता बरतें।
मीन, मकर और धनु: पारिवारिक उत्तरदायित्व और दीर्घकालिक योजनाओं में बदलाव हो सकता है।
शनि के अशुभप्रभाव से बचने के अचूक उपाय
यदि आपकी राशि पर शनि का विपरीत प्रभाव है, तो ज्योतिष शाखा के अनुसार ये उपाय लाभ दे सकते हैं:
- मंत्र जापः शनिवार को “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
- पाठः नियमित रूप से हनुमान चालीसा, शनि स्तोत्र या शनि कवच का पाठ करें।
- दान-पुण्यः जरूरतमंदों को काला तिल, उड़द की दाल, सरसों का तेल, काला छाता या जूते दान करें।
- शनि पूजाः शनिवार को शनि मंदिर में सरसों का तेल अर्पित करें और गरीवों को भोजन कराएं।
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

