Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • तमिलनाडु के दिवंगत मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की पोती कयलविझी अझागिरी बैंक मैनेजर को थप्पड़ मारने के आरोप में मामला दर्ज…
    • दतिया में उपचुनाव : भाजपा नेत्री की बेटी कांग्रेस में शामिल
    • दादरी में बाइक को टक्कर मार मां के सामने ही बेटे को उतारा मौत के घाट
    • जलशक्ति विभाग के जेई की हत्या; ऑफिस से 50 मीटर दूर मिले थे घायल…
    • गंगा एक्सप्रेस-वे पर डबल डेकर बस पलटी, 2 की मौ’त, 25 से ज्यादा घायल
    • पंजाब में बिजली संकट के कारण हिला पूरा सिस्टम
    • छात्र आंदोलन को लेकर उद्धव का BJP पर बड़ा हमला
    • Commonwealth Games में दर्दनाक हादसा, एथलीट गेब्रियल लैंगटन सिर के बल जमीन पर गिर गए, अस्पताल में भर्ती
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Sunday, July 26
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»सावन में वृंदावन-गोवर्धन की यात्रा क्यों मानी जाती है सबसे शुभ? जानिए धार्मिक मान्यता
    धर्म आस्था

    सावन में वृंदावन-गोवर्धन की यात्रा क्यों मानी जाती है सबसे शुभ? जानिए धार्मिक मान्यता

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 26, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    सावन का महीना शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन और गोवर्धन पहुंचने लगते हैं. फरीदाबाद, दिल्ली और पूरे एनसीआर से हर दिन हजारों लोग बांके बिहारी के दर्शन करने, गोवर्धन परिक्रमा लगाने और भगवान शिव का आशीर्वाद लेने जाते हैं. मान्यता है कि सावन में वृंदावन की यात्रा करने से भगवान श्रीकृष्ण और भोलेनाथ दोनों की कृपा मिलती है. इस समय चारों तरफ हरियाली, मंदिरों की रौनक, भजन-कीर्तन और भक्तिमय माहौल लोगों की आस्था को और मजबूत कर देता है. यही वजह है कि हर साल सावन में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है.

    सावन में वृंदावन-गोवर्धन की महिमा और बढ़ जाती

    Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के पंडित उमाचन्द्र मिश्रा ज्योतिषाचार्य बताते हैं वृंदावन और गोवर्धन सिर्फ एक धार्मिक जगह नहीं, बल्कि आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है. यहां सिर्फ फरीदाबाद या दिल्ली-एनसीआर से ही नहीं, बल्कि देश और विदेश से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं. सावन के महीने में इस धाम का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि इस समय यहां का माहौल पूरी तरह भक्ति में डूबा रहता है.

    पंडित उमाचन्द्र मिश्रा ज्योतिषाचार्य बताते हैं…सावन में वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं को भगवान गोपेश्वर महादेव के दर्शन जरूर करने चाहिए. मान्यता है भगवान शिव ने स्वयं यहां गोपेश्वर नाथ के रूप में विराजमान होकर श्रीकृष्ण की रासलीला के दर्शन किए थे. इसलिए जो भक्त बांके बिहारी के साथ गोपेश्वर महादेव के दर्शन भी करता है. उसकी मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है. भगवान शिव और श्रीकृष्ण का यह मिलन इस धाम को और खास बनाता है.

    पंडित उमाचन्द्र मिश्रा ज्योतिषाचार्य बताते हैं सावन के पूरे महीने वृंदावन में राधा-कृष्ण के झूला उत्सव का भी विशेष महत्व रहता है. मंदिरों में ठाकुर जी को सुंदर झूलों में विराजमान किया जाता है और भक्त बड़ी श्रद्धा से उनके दर्शन करते हैं. हरियाली और रिमझिम बारिश के बीच वृंदावन का नजारा भक्तों को अलग ही शांति और आनंद का अनुभव कराता है.

    सावन में गोवर्धन परिक्रमा का बढ़ जाता है महत्व

    पंडित उमाचन्द्र मिश्रा ज्योतिषाचार्य बताते हैं सावन में गोवर्धन की 84 कोस परिक्रमा और सामान्य गोवर्धन परिक्रमा का भी बहुत बड़ा महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस महीने 33 करोड़ देवी-देवता वृंदावन धाम में निवास करते हैं. वहीं निधिवन की तुलसी को गोपियों का स्वरूप माना जाता है और वहां के पेड़ पौधों को ऋषि-मुनियों का रूप माना जाता है. इसी वजह से श्रद्धालु सावन में वृंदावन और गोवर्धन की यात्रा को बेहद शुभ मानते हैं और पूरे श्रद्धा भाव से यहां पहुंचकर दर्शन और परिक्रमा करते हैं.

    (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    बुध और शनि करेंगे अपनी चाल में बदलाव, इन 6 राशियों पर पड़ेगा असर

    July 25, 2026

    देवशयनी एकादशी पर ऐसे करें लड्डू गोपाल का पूजन और शयन, संपूर्ण विधि

    July 24, 2026

    सावन में कब है नाग पंचमी ? काल सर्प दोष से मुक्ति का विशेष दिन, ढाई घंटे का है पूजा मुहूर्त

    July 23, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.