Sawan 2026 Rudrabhishek Upay: सावन का पहला दिन 30 जुलाई गुरुवार को है, इस दिन से श्रावण मास की शुरूआत हो रही है. यदि आपकी कुंडली में नवग्रह पीड़ा है यानि किसी भी ग्रह की वजह से आप अपने जीवन में कष्ट भोग रहे हैं तो आपको इन सबसे सावन में मुक्ति मिल सकती है. जिनके समक्ष काल भी स्वयं नतमस्तक होता है, वे महाकाल भगवान शिव शंभू आपको नवग्रह पीड़ा से मुक्ति प्रदान करेंगे. इससे मुक्ति के लिए आपको सावन में शिवजी का जलाभिषेक करना है, लेकिन उसमें ग्रहों के दोष को दूर करने के लिए कुछ वस्तुओं को डालना होगा. अब आप सावन के हर दिन जल से शिवजी का जलाभिषेक करें या रुद्राभिषेक करा सकते हैं.
सावन में नवग्रह पीड़ा के उपाय
सूर्य दोष:लखनऊ के ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय के अनुसार, यदि कुंडली में सूर्य से जुड़े कष्ट हैं या उससे संबंधित रोग हैं, तो श्वेतार्क यानि मदार या आक के पत्तों को पीसकर पवित्र जल या गंगाजल में मिलाकर शिव जी का अभिषेक कराएं.
चंद्र दोष: चंद्रमा के दोष की वजह से आपको कोई कष्ट है या किसी रोग से आप पीड़ित हैं, तो पवित्र जल या गंगाजल में काले तिल को पीसकर महादेव का अभिषेक करें.
मंगल दोष: कुंडली में मंगल दोष है, इसकी वजह से कोई कष्ट है या रोग है तो आप अमृता यानि गिलोय के रस को पवित्र जल या गंगाजल में मिलाकर शिवजी का अभिषेक करना चाहिए.
बुध दोष: बुध ग्रह के खराब होने से आपकी सेहत खराब है या जीवन में तरक्की नहीं कर पा रहे हैं तो विधारा के रस से महादेव का अभिषेक करें.
गुरु दोष: कुंडली के ग्रह दोषों को दूर करने के लिए गाय के दूध में हल्दी मिलाकर शिवजी का अभिषेक करें. इससे लाभ होगा.
शुक्र दोष: शुक्र दोष की वजह से सुख और सुविधाओं में कमी है, संतानहीन हैं या अन्य समस्याएं हैं तो गाय के दूध वाले छाछ से भोलेनाथ का अभिषेक करें.
शनि दोष: शनि के कष्टों से मुक्ति के लिए सावन में शमी के पत्ते को पीसकर पवित्र जल या गंगाजल में मिला लें. फिर उससे भगवान शंकर का अभिषेक करें.
राहु दोष: राहु की वजह से आपकी तरक्की नहीं हो पा रही है या कोई शारीरिक कष्ट है तो उसे दूर करने के लिए आप गंगाजल या पवित्र जल में दूर्वा मिलाकर महादेव का अभिषेक करें.
केतु दोष: कुंडली में केतु के दोषों को मिटाने के लिए गंगाजल या पवित्र जल में कुश की जड़ को पीसकर मिला लें. फिर उससे शिवजी का अभिषेक करें. इससे केतु के कष्ट मिटेंगे.
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

