तीन दशक से बीजेपी का किला माने जाने वाले बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने धमाकेदार जीत हासिल की है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। यह प्रशांत किशोर का पहला चुनाव था, जिस तरह से उन्होंने भाजपा को हराया है, वह बिहार सहित देश भर की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।
किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे
किशोर ने जीत के बाद साफ कहा कि यह वोट मुख्य रूप से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ मिला है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर के मतदाताओं ने पुरानी पार्टियों से नाराजगी जताई है। बीजेपी, कांग्रेस और आरजेडी के कई असंतुष्ट समर्थकों ने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि 1995 से लगातार बीजेपी इस सीट पर जीतती आ रही थी, लेकिन इस बार वो किला ढह गया। मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने साफ कर दिया कि वे किसी भी राजनीतिक गठबंधन में शामिल नहीं होंगे।
‘जन सुराज पार्टी अपनी राह खुद बनाएगी’
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज पार्टी अपनी राह खुद बनाएगी। गठबंधन की संभावनाओं को उन्होंने पूरी तरह खारिज कर दिया। किशोर ने एक और दिलचस्प बात कही। उनके मुताबिक, युवाओं यानी जेन जी के हालिया प्रदर्शनों का भी इस नतीजे में कुछ रोल हो सकता है। उन्होंने कहा कि जेन जी की नाराजगी से भी भाजपा को नुकसान हुआ है। प्रशांत ने कहा कि यह जीत जन सुराज की विचारधारा का नतीजा है। असंतुष्ट मतदाताओं का समर्थन और युवाओं का रुझान उनके पक्ष में गया।
आने वाले चुनावों पर पड़ेगा असर
अब यह मना जा रहा है कि बांकीपुर का नतीजा आने वाले चुनावों पर भी असर डाल सकता है। बीजेपी के लिए यह बड़ा झटका है तो कांग्रेस और आरजेडी के लिए भी सबक। प्रशांत किशोर ने साफ संदेश दिया है कि वे किसी के साथ नहीं, बल्कि अकेले लड़ेंगे। बता दें कि बिहार के 2025 विधानसभा चुनाव में भी प्रशांत किशोर की पार्टी मैदान में उतरी थी, लेकिन खास प्रदर्शन नहीं कर पाई। उस वक्त, प्रशांत किशोर ने खुद को चुनाव लड़ने से पीछे रखा था।

