पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी के PA रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों सागर सोनकर और साहेब सोनकर को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद आरोपियों के पिता संजय सोनकर ने बड़ा बयान दिया है। पिता का कहना है कि उनका बेटा सागर तो चंद्रनाथ की परछाई की तरह रहता था और उनके दफ्तर का सारा हिसाब-किताब संभालता था। उन्हें इस राजनीतिक साजिश में जबरन बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
‘खबर मिलते ही अस्पताल भागा था बेटा, वो तो बेकसूर है’
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, दोनों भाइयों की गिरफ्तारी पर पिता संजय सोनकर (55) ने अपने बेटों का बचाव करते हुए कहा कि उनके बच्चों का इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है। संजय ने कहा कि सागर तो चंद्रनाथ जी की परछाईं की तरह रहता था। उनके दफ्तर का हिसाब-किताब, लेन-देन सब वही संभालता था। जिस दिन हत्या हुई, उस दिन भी सागर चंद्रनाथ के साथ ही बीजेपी कार्यालय में मौजूद था। घटना की खबर मिलते ही वह बदहवास हालत में अस्पताल भागा था। मेरे मासूम बेटों को इस सियासी साजिश में महज बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
CBI का दावा, दूसरी पार्टी के संपर्क में थे आरोपी
मामले की जांच कर रही CBI का दावा है कि भले ही दोनों भाई TMC छोड़कर शुभेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी में आ गए थे, लेकिन सागर सोनकर लगातार विरोधी राजनीतिक दल के संपर्क में था। CBI के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि सागर लैंडलाइन फोन के जरिए विपक्षी पार्टी के दफ्तर में बातचीत कर रहा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन दोनों भाइयों ने ही शूटरों को सुपारी देकर चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश रची थी।
पूर्व वायुसेना जवान थे चंद्रनाथ, घर लौटते वक्त चलाई थी गोलियां
भारतीय वायुसेना के पूर्व सैनिक रहे चंद्रनाथ रथ साल 2018 से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और 2021 में उनके PA बने थे। विधानसभा चुनाव नतीजों के ठीक दो दिन बाद 6 मई को जब चंद्रनाथ अपनी गाड़ी से घर लौट रहे थे, तब एक संदिग्ध कार ने उनका रास्ता रोका और बाइक सवार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।

