गुरुग्राम। गुरुग्राम जिले के फरुखनगर थाना क्षेत्र के कारौला गांव में गुरुवार रात सागर नाम कर युवक की हत्या कर दी गई थी। परिवार ने पुलिस को जानकारी दी थी कि आरोपितों ने उसे दो गोली मारकर हत्या कर दी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब यह साफ हुआ है कि उसकी गोली नहीं बल्कि चाकू घोंपकर हत्या की गई थी।
शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने भी एफआईआर में गोली मारने का जिक्र किया था। दूसरी ओर इस मामले में लापरवाही बरतने पर गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों ने फरुखनगर थाने के दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
गुरुवार शाम 26 वर्षीय सागर बेंगलुरु से नौकरी से छुट्टी लेकर लौटा था। इसी दौरान 10 से ज्यादा आरोपी उसके घर घुस आए। उन्होंने पहले परिवार पर लाठी-डंडों से हमला किया, इसके बाद सागर की हत्या कर दी। सागर के भाई ने पुलिस को बताया था कि आरोपियों ने उसके सामने भाई को दो गोलियां मारीं।
आरोपियों को पकड़ने के लिए परिवार ने मांग की थी। शुक्रवार को इसके लिए परिवार के लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जाटौली में रोड जाम कर दिया था। वहीं शनिवार को भी युवक का पोस्टमार्टम नहीं कराया और आरोपियों को पकड़ने का दबाव बनाया। इस पर विधायक विमला चौधरी ने भी परिवार से मिलकर आश्वासन दिया था और गुरुग्राम पुलिस पर निशाना साधा था।
फरुखनगर क्राइम ब्रांच ने मामले को देखते हुए शनिवार रात ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी झज्जर, सोनीपत और रोहतक के रहने वाले हैं। आरोपितों को पकड़ने के बाद परिवार के लोग युवक का पोस्टमार्टम कराने के लिए माने।
रात करीब 11 बजे गुरुग्राम के पोस्टमार्टम हाउस में तीन डॉक्टरों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि युवक की मौत चाकू घोंपने के कारण हुई। चाकू लगने से उसके फेफड़े अंदर तक पंचर हो गए। उसके सिर में डंडे के भी निशान हैं।
ये आरोपी गिरफ्तार
आरोपितों की पहचान झज्जर के भाभेवा निवासी ओम, चिमनी गांव निवासी साहिल, सोनीपत के धनाना गांव निवासी गौतम, गुरुग्राम के करौला गांव निवासी सचेत उर्फ मुन्ना, झज्जर के मेहराना गांव निवासी विनय कुमार, सोनीपत के खिलौड़ निवासी सुनील उर्फ अभिषेक, मंदीप उर्फ डिप्पी, अश्वनी और अनुश के रूप में की गई।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ आरोपी पिछले महीने 14 जुलाई को गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक ठेकेदार से झगड़े में भी शामिल रहे थे। पुलिस ने तब इन पर शांति भंग में कार्रवाई की थी।
दो पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई
मामले की गंभीरता और लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने फरुखनगर थाने के हेड कांस्टेबल अशोक और विनोद को सस्पेंड कर दिया है। बताया जाता है कि आरोपितों का दो अगस्त को सागर के भाई से हुक्का पीने के विवाद में झगड़ा हुआ था। इसके बाद आरोपियों ने तीन अगस्त को भी घर में घुसकर मारपीट की थी। तब परिवार ने थाने में शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

