Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • अब धमाकों की नहीं, रेडियो की गूंज,दूरस्थ वनांचल छिंदनार के लोगों ने सुनी प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’
    • विष्णु भैया की पहल से तालाब बना महिलाओं की तरक्की का आधार
    • महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की नीलामी के लिए नवा रायपुर में कल होगा रोड शो का आयोजन
    • छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार दूसरे वर्ष प्रदान करेगा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’
    • नारी शक्ति सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान
    • नेपाल में बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों के लापता होने पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल चिंतित
    • इतिहास, संस्कृति और स्वदेशी से आत्मनिर्भरता तक—‘मन की बात’ में देश की विकास यात्रा के विविध आयामों पर प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश
    • रंग-तरंग में सजेगा छत्तीसगढ़ का लोक-संगीत, संस्कृति और आधुनिक सुरों का संगम
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Sunday, August 30
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»खेल»राष्ट्रीय खेल दिवस : खेलों से सशक्त बनता भारत का युवा
    खेल

    राष्ट्रीय खेल दिवस : खेलों से सशक्त बनता भारत का युवा

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 29, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    भारत में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी और ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से प्रसिद्ध मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। आज खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक विकास और राष्ट्रीय गौरव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। 

    क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, एथलैटिक्स, मुक्केबाजी, निशानेबाजी, भारोत्तोलन और अन्य खेलों में भारतीय खिलाडिय़ों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। ओलिम्पिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाडिय़ों की उपलब्धियों ने देश के करोड़ों युवाओं को प्रेरणा दी है। खेलों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। नियमित खेलकूद से आत्मविश्वास बढ़ता है और तनाव कम करने में सहायता मिलती है। खेल व्यक्ति को हार और जीत दोनों को स्वीकार करना सिखाते हैं। मैदान पर मिली हार खिलाड़ी को अगली बार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है। 

    आज के डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं का काफी समय मोबाइल फोन, इंटरनैट और वीडियो गेम्स में बीत रहा है। शारीरिक गतिविधियों में कमी स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास के लिए चिंता का विषय बन सकती है। ऐसे समय में राष्ट्रीय खेल दिवस का महत्व और बढ़ जाता है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में खेल गतिविधियों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को केवल परीक्षा और अंकों की दौड़ तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें खेल मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलना चाहिए।

    आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को सही समय पर पहचान मिले और उन्हें प्रशिक्षक, खेल मैदान, उपकरण तथा आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जिला और ब्लॉक स्तर पर नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि छोटे गांवों और कस्बों से निकलने वाली प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर मिले।सरकार और खेल संस्थाओं की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। प्रतिभावान खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, पोषण, चिकित्सा सहायता और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। साथ ही खेलों में पारदर्शिता और खिलाडिय़ों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। केवल बड़े शहरों में खेल सुविधाएं विकसित करने की बजाय ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक खेल अधोसंरचना पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

    राष्ट्रीय खेल दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि खेलों में सफलता एक दिन में नहीं मिलती। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन, त्याग और निरंतर अभ्यास होता है। मेजर ध्यानचंद का जीवन इसी का उदाहरण है। आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर खेल को केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का साधन भी मानना चाहिए।

    खेलों के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, समय प्रबंधन और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। ये गुण उनके व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी उपयोगी साबित होते हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आवश्यकता इस बात की है कि हम केवल एक दिन खेलों की चर्चा तक सीमित न रहें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं में पूरे वर्ष खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। हर बच्चे को कम से कम एक खेल से जुडऩे का अवसर मिले और प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को आगे बढऩे के लिए उचित मंच प्रदान किया जाए। यदि खेल मैदानों को शिक्षा व्यवस्था का मजबूत हिस्सा बनाया जाए और गांव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाओं को समान अवसर मिले, तो भारत खेलों की दुनिया में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।-प्रो. मनोज डोगरा

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    न कोई सिक्योरिटी, न तामझाम…: ट्रॉली बैग लेकर मेट्रो में दिखे जवागल श्रीनाथ

    August 30, 2026

    फॉलोऑन का फैसला उल्टा नहीं पड़ा, कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के बाद बोले कप्तान शुभमन

    August 28, 2026

    आर प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने…

    August 28, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.