Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पावर कंपनियों में 1,501 पदों पर होगी भर्ती
    • बलौदा बाजार में धनतेरस के दिन भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत…
    • छत्तीसगढ़: सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल, रामगोपाल अग्रवाल से की मुलाकात…
    • प्रधानमंत्री मोदी ने सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी देविशा शेट्टी से की मुलाकात
    • छत्तीसगढ़: सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला, अब TET पास किए बिना नहीं बचेगी नौकरी, पदोन्नति का रास्ता भी बंद…
    • देश में चीनी की कीमतों में अभी हाल ही में कुछ नरमी देखी गई थी कि अब फिर से इसके महंगे होने की बातें आने लगी सामने…
    • RJD अध्यक्ष लालू यादव सीवान कोर्ट में हुए पेश, किस मामले में मिली जमानत?
    • BREAKING: कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन के 4 डिब्बों में लगी आग, चारों ओर धुंआ-धुंआ…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, November 6
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»भारतीय परंपरा और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से समझाया मानव ऊर्जा एवं आभामंडल का विज्ञान
    छत्तीसगढ़

    भारतीय परंपरा और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से समझाया मानव ऊर्जा एवं आभामंडल का विज्ञान

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inSeptember 20, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    ‘स्वयं से साक्षात्कार’ कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पंचकोश, षट्चक्र एवं आभामंडल की अवधारणाओं पर दी जानकारी

    रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वयं से साक्षात्कार’ विषय पर 19 सितंबर को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वामी महेश एवं डॉ. अनिल गुप्ता ने भारतीय परंपरा में वर्णित ऊर्जा, चेतना एवं आभामंडल की अवधारणाओं को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के संदर्भ में समझाया।
    कार्यशाला में आयोग के सदस्य श्री विवेक गनोदवाले, सचिव श्री सूर्यप्रकाश शुक्ला तथा पावर कंपनीज़ के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं श्री भीम सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित थे।

    स्वामी महेश ने भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित अपरा विद्या और परा विद्या की जानकारी देते हुए कहा कि अपरा विद्या वह है, जिसे इंद्रियों के माध्यम से देखकर, पढ़कर और समझकर जाना जा सकता है, जबकि परा विद्या का संबंध सूक्ष्म एवं आंतरिक अनुभूति से है। उन्होंने बताया कि आत्मा और मन के माध्यम से शरीर की तंत्रिका प्रणाली तथा इंद्रियों के बीच समन्वय स्थापित होता है। उन्होंने मानव शरीर में वर्णित पंचकोश—अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष और आनंदमय कोष की अवधारणा को भी विस्तार से समझाया।

    डॉ. अनिल गुप्ता ने मानव शरीर में ऊर्जा के संचार तथा षट्चक्र की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना आभामंडल होता है। आंतरिक ऊर्जा एवं चेतना को विकसित करने की भारतीय परंपरा में चर्चा की गई है।

    कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने किया। आयोग की संयुक्त निदेशक श्रीमती प्राची श्रीवास्तव ने अतिथियों का परिचय दिया।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पावर कंपनियों में 1,501 पदों पर होगी भर्ती

    November 6, 2026

    बलौदा बाजार में धनतेरस के दिन भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत…

    November 6, 2026

    छत्तीसगढ़: सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल, रामगोपाल अग्रवाल से की मुलाकात…

    November 6, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.