भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्तों में सोमवार को एक अहम कड़ी जुड़ी। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बातचीत हुई। बातचीत का फोकस दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर रहा। इसमें व्यापार, निवेश, तकनीक, विज्ञान और रोजगार से जुड़े मुद्दे अहम रहे।
बता दें इससे पहले राष्ट्रपति पारमेलिन अपनी पत्नी कैरोलिन पारमेलिन के साथ राजघाट पहुंचे। उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया।
हैदराबाद हाउस में हुई अहम बातचीत
हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पारमेलिन ने कई मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत-EFTA ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट यानी TEPA के वादे को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इससे दोनों देशों के बीच साझेदारी को और गहरा करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रपति पारमेलिन ने भी भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्तों को अहम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, भरोसे और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।
TEPA से व्यापारिक रिश्तों को मिलेगी रफ्तार
इस दौरे में India-EFTA TEPA खास मुद्दा है। यह समझौता भारत और EFTA के चार देशों के बीच हुआ है। इनमें स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे शामिल हैं।
बता दें TEPA पर 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षर हुए थे। यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ। राष्ट्रपति पारमेलिन ने कहा कि भारत में उनका दौरा इस समझौते की पहली सालगिरह मनाने का मौका भी है। उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों को सिर्फ पिछली उपलब्धियों का जश्न नहीं मनाना चाहिए। उन्हें मिलकर भविष्य की दिशा भी तय करनी चाहिए।
व्यापार से तकनीक तक सहयोग बढ़ाने की तैयारी
राष्ट्रपति पारमेलिन के दौरे में व्यापार और निवेश के साथ विज्ञान और तकनीक पर भी जोर है। दोनों देश टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और वर्कफोर्स मोबिलिटी में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, स्विस राष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का एक डेलीगेशन भी भारत आया है। यह भारत की उनकी पहली राजकीय यात्रा है। हालांकि, वह फरवरी 2026 में AI Impact Summit में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आ चुके हैं। हालांकि अब 7 अक्टूबर को वह दूसरे ‘India-EFTA Prosperity Summit’ में शामिल होंगे। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत को आगे बढ़ाने और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशने पर केंद्रित है।

