उत्तर बस्तर कांकेर, 21 जनवरी 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के आदेशानुसार नगरपालिका परिषद, नगर पंचायत एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम, उप निर्वाचन 2025 के लिए कार्यक्रम जारी किये जाने के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। निर्वाचन के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों के द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिए शासकीय एवं अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाते हैं, बैनर लगाये जाते हैं, पोस्टर चिपकाये जाते हैं तथा विद्युत एवं टेलीफोन के खंभों पर चुनाव प्रचार से संबंधित झंडियां लगाई जाती हैं, जिसके कारण शासकीय संपत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 पारित किया है। इस अधिनियम की धारा-3 के तहत कोई भी संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खड़िया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपति करेगा, वह 1000 रूपये तक के जुर्माने से दण्डनीय होगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा-5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेशित किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान यदि विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा किसी शासकीय एवं अशासकीय भवन की दीवारों पर किसी भी प्रकार के नारे लिखकर विकृत किया जाता है, विद्युत एवं टेलीफोन के खंभों पर झंडियां लगाई जाती हैं अथवा ऐसे पोस्टर एवं बैनर लगाकर शासकीय संपत्तियों को विकृत किया जाता है तो ऐसे पोस्टर एवं बैनर हटाने के लिए चुनावी नारे मिटाने के लिए अनुविभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी, अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा ‘लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता’ टीम गठित की गई है, जिसमें नगरीय निकाय, लोक निर्माण विभाग तथा राजस्व विभाग, पुलिस विभाग तथा विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम लोक सुरक्षा संपत्ति दस्ता अनुविभागीय अधिकारी, दण्डाधिकारी के देखरेख में कार्य करेगी। टीम द्वारा सघन भ्रमण कर विरूपित संपत्ति को संपत्ति विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्व स्वरूप में लायेगी तथा संपत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत एफ. आई. आर. दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।
जारी आदेशानुसार यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है तो निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगी एवं संबंधित थाना प्रभारी प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर विधिवत् जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जाएगा। अनुविभागीय दण्डाधिकारी लोक संपत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को एक पंजी में पंजीबद्ध करेंगे तथा शिकायत की जांच कर तथ्य सही पाये जाने पर लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करेंगे तथा विरूपित संपत्ति की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी कराएगी।
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