रायपुर। रायपुर आर्ट लिटरेचर और फिल्म फेस्टिवल (RALFF) का आयोजन 8 फरवरी 2025 को रायपुर में किया जाएगा। जिसमें पद्मश्री पंडी राम मंडावी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पंडी राम मंडावी को कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए 2025 में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।
वे छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की गोंड मुरिया जनजाति के प्रख्यात कलाकार हैं। उनकी ख्याति पारंपरिक वाद्ययंत्र निर्माण और लकड़ी की शिल्पकला के क्षेत्र में है।
विशेष रूप से बांस से बनी बस्तर बांसुरी, जिसे ‘सुलुर’ कहा जाता है, के निर्माण में उनकी अद्वितीय पहचान है। फेस्टिवल क्यूरेटर प्रीति उपाध्याय ने बताया कि फेस्टिवल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। ऐसे में पंडी राम मंडावी जैसे विभूति का मुख्य अतिथि के रूप में आना फेस्टिवल की गरिमा को और बढ़ा देगा। उनका जीवन और योगदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पंडी राम मंडावी ने बचपन से ही अपने पूर्वजों से यह कला सीखी और इसे न केवल संरक्षित किया बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी कला में लकड़ी के पैनलों पर उभरे हुए चित्र, मूर्तियां और अन्य शिल्प कृतियां शामिल हैं, जिन्हें उन्होंने वैश्विक पहचान दिलाई है।
फेस्टिवल के दौरान शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता, साहित्यिक चर्चाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। विजेताओं को प्रमाणपत्र, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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