छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने पेश किया ऐतिहासिक हस्तलिखित बजट
आज जब एआई-आधारित टूल्स का उपयोग फैसलों और दस्तावेजों की तैयारी में किया जा रहा है, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 100 पन्नों का बजट हिंदी में हाथ से लिखकर अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण का परिचय दिया। 4 मार्च को विधानसभा में पेश किए गए इस बजट की थीम ‘GATI’ है, जिसका फोकस राज्य की आर्थिक वृद्धि और बस्तर के विकास पर है।
हस्तलिखित बजट और चौधरी की प्रतिबद्धता
पूर्व आईएएस अधिकारी ओ.पी. चौधरी, जिन्होंने 2018 में प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति का रुख किया, मानते हैं कि जनता की सेवा के लिए राजनीति अधिक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि बजट तैयार करने में कई महीने लगे, लेकिन इसे लिखने की प्रक्रिया 10 दिन पहले शुरू की गई। उन्होंने स्वीकार किया कि बजट पेश करने से पहले वे चार रातों तक ठीक से सो नहीं पाए, जो उनकी गहरी भागीदारी और समर्पण को दर्शाता है।
‘GATI’ थीम पर आधारित बजट
1,65,100 करोड़ रुपये के इस बजट की थीम ‘GATI’ है, जिसमें ‘जी’ का अर्थ सुशासन, ‘ए’ बुनियादी ढांचे की गति, ‘टी’ प्रौद्योगिकी और ‘आई’ औद्योगिक विकास को दर्शाता है। यह पिछली थीम ‘ज्ञान’ की निरंतरता में राज्य की प्रगति को गति देने के लिए तैयार किया गया है।
प्रशासन से राजनीति तक का सफर
2005 बैच के आईएएस अधिकारी चौधरी ने 2018 में रायपुर कलेक्टर पद से इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन की। उनका मानना है कि राजनीति में अच्छे लोगों की भागीदारी से ही बेहतर शासन संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा। 2018 के चुनाव में हारने के बाद, 2023 में रायगढ़ से जीत हासिल की।
उनका हस्तलिखित बजट शासन में पारदर्शिता और प्रामाणिकता का प्रतीक है, जो उनकी प्रतिबद्धता और जनता के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है।

