संसद का बजट सत्र: विपक्ष का हंगामा, वोटर लिस्ट से लेकर शिक्षा नीति तक गरमाई बहस
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत होते ही विपक्षी सांसदों ने मणिपुर में हिंसा, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। लोकसभा में भारी हंगामे के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
मतदाता सूची पर बहस की मांग
लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पूरे देश में वोटर लिस्ट पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष सिर्फ यह चाहता है कि इस मुद्दे पर सदन में खुली चर्चा हो।
शिक्षा नीति पर विवाद
नई शिक्षा नीति और तीन भाषा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा, “वे तमिलनाडु के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं और केवल भाषा की राजनीति कर रहे हैं।” उनकी इस टिप्पणी के बाद द्रमुक सांसदों ने जोरदार विरोध किया, जिससे सदन की कार्यवाही लगभग 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
ताजमहल में दरार का मुद्दा
एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय पुरातत्व विभाग में खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाया और कहा कि ताजमहल में पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे दरारें आ गई हैं। उन्होंने सरकार से इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बीजेपी का डीएमके पर हमला
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने डीएमके पर भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिल भाषा निश्चित रूप से प्राचीन है, लेकिन संस्कृत उससे भी पुरानी है। उन्होंने दावा किया कि देशभर के मंदिरों में संस्कृत में ही पूजा होती है और डीएमके चुनावी नुकसान के डर से नई शिक्षा नीति का विरोध कर रही है।
सरकार की प्राथमिकताएं
सरकार का ध्यान बजटीय प्रक्रिया को पूरा करने, अनुदान मांगों को मंजूरी दिलाने, मणिपुर बजट पारित कराने और वक्फ संशोधन विधेयक को जल्द से जल्द लागू करने पर केंद्रित रहेगा।

