यह राह नहीं आसान… बिलासपुर के ट्रैफिक सिग्नलों पर आवारा मवेशियों की अड़चन
सत्यम चौक, अग्रसेन चौक, सीएमडी चौक, तारबाहर, व्यापार विहार, भारतीय नगर, मगरपारा चौक, जरहाभाठा चौक, नेहरू चौक, गांधी चौक, गोलबाजार, पुराना बस स्टैंड, शिव टाकीज चौक, महाराणा प्रताप चौक, गुरुनानक चौक, सीपत चौक और राजकिशोर नगर चौक समेत शहर के विभिन्न प्रमुख चौकों पर अक्सर आवारा मवेशी दिखाई देते हैं।

बिलासपुर: शहर की सड़कों पर मवेशियों की अनियंत्रित आवाजाही यातायात व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। प्रमुख चौक-चौराहों पर सिग्नल के दौरान वाहन चालक फंस जाते हैं, जबकि बीच सड़क पर अचानक मवेशियों के आ जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
वाहन चालकों को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि मवेशी कभी भी सड़क पर आ सकते हैं। खासतौर पर सत्यम चौक, गोलबाजार और मां महामाया चौक जैसे व्यस्त क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। नगर निगम और यातायात विभाग की अनदेखी से यह समस्या और विकराल हो गई है। शहर के प्रमुख चौकों जैसे सत्यम चौक, अग्रसेन चौक, सीएमडी चौक, तारबाहर, व्यापार विहार, भारतीय नगर, मगरपारा चौक, जरहाभाठा चौक, नेहरू चौक, गांधी चौक, गोलबाजार, पुराना बस स्टैंड, शिव टाकीज चौक, महाराणा प्रताप चौक, गुरुनानक चौक, सीपत चौक और राजकिशोर नगर चौक पर मवेशियों की मौजूदगी आम हो गई है।
रेलवे परिक्षेत्र में भी यह समस्या बनी हुई है, जहां हरियाली के कारण मवेशी रातभर घूमते रहते हैं। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।


नगर निगम और यातायात विभाग जिम्मेदार
शहर में मवेशियों की बढ़ती संख्या के लिए नगर निगम और यातायात विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मवेशी पकड़ने के लिए निगम द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत यह है कि मवेशी बेखौफ सड़कों पर घूमते रहते हैं। वहीं, यातायात पुलिस भी इस समस्या के समाधान में असफल साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ठोस कदम उठाए, तो इस समस्या से निजात मिल सकती है।
संभावित समाधान
- नगर निगम को नियमित रूप से मवेशियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाना चाहिए।
- मवेशी मालिकों पर कड़ी सजा और भारी जुर्माना लगाया जाए।
- सीसीटीवी कैमरों के जरिए मवेशी छोड़ने वालों की पहचान कर उन पर कार्रवाई हो।
- मवेशियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बनाए जाएं।
- रेलवे परिक्षेत्र में मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।
प्रशासन का आश्वासन
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और उनके मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जल्द ही शहर को मवेशी मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
यातायात व्यवस्था प्रभावित
बुधवारी बाजार मेन रोड, तारबाहर-गिरजा चौक मार्ग और अन्य व्यस्त सड़कों पर मवेशियों के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 12 खोली चौक के पास तो मवेशी अक्सर पूरी सड़क घेर लेते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक मवेशियों के आने से बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं, जबकि कार और ऑटो चालकों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बन जाती है। अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रहे वाहनों के टकराने का खतरा बढ़ जाता है।
यदि प्रशासन जल्द उचित कदम नहीं उठाता, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।



