बीजापुर: पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। मंगलवार को एसआईटी इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट पेश करेगी। हत्याकांड की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी, जिसमें खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने वारदात से 3-5 दिन पहले ही हत्या की पूरी साजिश रच ली थी। दरअसल, मुकेश ने सड़क निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर रिपोर्टिंग की थी, जिससे आरोपी सुरेश नाराज था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
हत्या की पूरी घटना:
- 1 जनवरी 2025: बीजापुर के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में दफना दिया गया।
- 2 जनवरी: मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
- 3 जनवरी: पुलिस ने गूगल लोकेशन के आधार पर सुरेश चंद्राकर की चट्टानपारा स्थित संपत्ति में बने सेप्टिक टैंक से मुकेश का शव बरामद किया।
- 4 जनवरी: सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए।
- 5 जनवरी: पुलिस ने आरोपी सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया, जबकि पहले ही उनके भाई रितेश, दिनेश और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को हिरासत में लिया जा चुका था।
भ्रष्टाचार और हत्या की साजिश:
यह मामला गंगालूर से मिरतुर तक बनने वाली 100 करोड़ की सड़क परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा था। मुकेश चंद्राकर ने इस भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग की थी, जिससे मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर नाराज था। उसने मुकेश को रास्ते से हटाने के लिए सुनियोजित साजिश रची और हत्या करवा दी।
वर्तमान स्थिति:
- सभी आरोपी अभी जेल में बंद हैं।
- हत्या के बाद से सुरेश चंद्राकर की संपत्ति को कुर्क करने की मांग उठ रही है।
- जिस स्थान से मुकेश का शव बरामद हुआ, उसे एसआईटी ने सील कर दिया है।
- मामले में भ्रष्टाचार को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, जिन्हें कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
एसआईटी की चार्जशीट से इस हत्याकांड से जुड़े और भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

