कॉमेडियन कुणाल कामरा का विवादों से पुराना नाता रहा है। इस बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद वह फिर सुर्खियों में हैं। शिवसेना विधायक मुरजी पटेल की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले, रविवार रात शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उस स्टूडियो में तोड़फोड़ की, जहां कामरा का शो शूट किया गया था। आइए जानते हैं कुणाल कामरा के सबसे बड़े विवादों के बारे में।
भाविश अग्रवाल से टकराव
ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल और कुणाल कामरा के बीच सोशल मीडिया पर कई बार बहस हो चुकी है। भाविश ने एक बार ओला गीगाफैक्ट्री की तस्वीर साझा की थी, जिसके जवाब में कामरा ने सर्विस सेंटर में खड़े खराब ओला स्कूटरों की तस्वीर पोस्ट कर सवाल उठाए। इस पर भाविश ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर इतनी चिंता है, तो आकर मदद करें, नहीं तो चुप रहें।
वीएचपी से विवाद
2022 में गुरुग्राम में होने वाले कुणाल कामरा के शो को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के कारण रद्द कर दिया गया था। इसके बाद कामरा ने वीएचपी पर निशाना साधते हुए खुद को उनसे बड़ा हिंदू बताया और खुला पत्र लिखकर नाथूराम गोडसे की निंदा करने की चुनौती दी।
अर्नब गोस्वामी के साथ भिड़ंत
2020 में इंडिगो फ्लाइट में कुणाल कामरा की पत्रकार अर्नब गोस्वामी से मुलाकात हुई, जहां उन्होंने गोस्वामी की पत्रकारिता पर सवाल उठाए और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। गोस्वामी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन इसके बाद इंडिगो ने कामरा पर छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया। एयर इंडिया, स्पाइसजेट और गोएयर ने भी उन्हें अनिश्चितकाल के लिए बैन कर दिया।
पीएम मोदी का मॉर्फ्ड वीडियो विवाद
मई 2020 में कामरा ने पीएम मोदी की जर्मनी यात्रा के दौरान एक वीडियो मॉर्फ कर सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने एक बच्चे के गाए गाने को हटाकर फिल्म पीपली लाइव के गाने महंगाई डायन खाए जात है से बदल दिया। बच्चे के पिता की आपत्ति और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर कामरा को यह वीडियो हटाना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट पर विवादित टिप्पणी
कामरा ने 2020 में सुप्रीम कोर्ट को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने अपने शो बी लाइक में सुप्रीम कोर्ट को ब्राह्मण-बनिया का बताया था, जिसके चलते उनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर हुई। इसके अलावा, अर्नब गोस्वामी को जमानत मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी मिडिल फिंगर दिखाते हुए तस्वीर साझा की, जिसे अटॉर्नी जनरल ने अपमानजनक और अश्लील करार दिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही की अनुमति दी थी।

