बीजापुर। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों ने माओवादी संगठन के चीफ बसव राजू को मार गिराया है। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के रहने वाले बसव राजू को संगठन में गंगना, प्रकाश और बीआर जैसे कई नामों से जाना जाता था। उन्होंने बीटेक की पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में माओवादी संगठन से जुड़ गए। पोलित ब्यूरो के सदस्य बसव राजू की उम्र लगभग 70 साल बताई जा रही है।
बसव राजू ने रिजनल इंजीनियरिंग कॉलेज वारंगल से बीटेक किया था। 1970 में उन्होंने घर छोड़कर माओवादी आंदोलन में हिस्सा लेना शुरू किया। 1987 में बस्तर के जंगलों में लिट्टे के कैंप में बम बनाने और एंबुश की ट्रेनिंग भी ली। वह बम बनाने के एक्सपर्ट माने जाते थे।
इधर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ में नक्सल मुक्त अभियान में तेजी आई है। सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिले के सरहदी इलाके में हुई मुठभेड़ में दो दर्जन से अधिक नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं ताकि मार्च 2026 तक बस्तर और पूरे देश को नक्सल मुक्त बनाया जा सके।
साव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भी पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहलगाम की घटना के बाद आतंकवादियों को कड़ा जवाब दिया है और ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक पूरा किया है। देशभर में तिरंगा यात्राएं और सेना के प्रति जनता का समर्थन मोदी सरकार के नेतृत्व में दिखाई दे रहा है। साव ने कांग्रेस से इस मामले पर राजनीति बंद करने का आग्रह किया।

