जगदलपुर। अबूझमाड़ में हुई मुठभेड़ में भारत की सबसे खूंखार माओवादी नेताओं में से एक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का महासचिव बसव राजू मारा गया। बसव राजू को 25 मई 2013 के झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है, जिसमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 से अधिक नेता और सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। वह 2004 के बाद छत्तीसगढ़ समेत देशभर में हुए अधिकांश बड़े नक्सली हमलों के लिए जिम्मेदार था।
2004 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के गठन के साथ ही उसे पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग का प्रमुख और पोलित ब्यूरो सदस्य नियुक्त किया गया। उसने श्रीलंका के लिट्टे से सीखी गई गुरिल्ला युद्ध तकनीकों और आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का माओवादी संगठन में इस्तेमाल शुरू किया, जिससे यह आंदोलन और भी हिंसक हो गया।

बसव राजू के नेतृत्व में नक्सलियों ने देशभर में कई बड़े और जानलेवा हमले किए, जिनमें लगभग 5,000 लोगों की जान गई। इनमें सुरक्षाबल, राजनैतिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में निर्दोष ग्रामीण शामिल थे। केवल छत्तीसगढ़ में ही माओवादियों ने 1,800 से अधिक निर्दोष ग्रामीणों और 1,300 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की हत्या की।

कुछ प्रमुख हमले इस प्रकार हैं:
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3 अप्रैल 2021, बीजापुर (टेकुलगुड़ेम) – 21 जवान बलिदान
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21 मार्च 2020, सुकमा (मिनपा) – 17 जवान बलिदान
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24 अप्रैल 2017, सुकमा (चिंतागुफा) – 25 जवान बलिदान
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25 मई 2013, झीरम घाटी हमला, बस्तर – 32 लोगों की मौत
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29 जून 2010, नारायणपुर (धौड़ाई) – 27 जवान बलिदान
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17 मई 2010, दंतेवाड़ा (गादीरास) – 36 की मौत
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6 अप्रैल 2010, सुकमा (ताड़मेटला) – 76 जवान बलिदान
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12 जुलाई 2009, मदनवाड़ा हमला – एसपी सहित 29 जवान
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9 जुलाई 2007, सुकमा (एर्राबोर) – 23 पुलिसकर्मी मारे गए
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15 मार्च 2007, बीजापुर (रानीबोदली) – 55 पुलिस जवान बलिदान

