गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मानसिक रूप से अस्वस्थ 18 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत के मामले में एक धर्मांतरण कर चुकी महिला, ईश्वरी साहू को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि महिला ने यीशु के नाम पर युवती का अमानवीय तरीके से इलाज करने की कोशिश की, जिसमें उसने युवती के शरीर पर गर्म तेल और पानी डाला और यहां तक कि उसकी छाती पर चढ़ गई।
पोस्टमार्टम में हुआ बड़ा खुलासा
शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की छाती की हड्डी टूटने और अत्यधिक रक्तस्राव को कार्डियक अरेस्ट और मौत का संभावित कारण बताया गया है। मृतका की पहचान रायपुर निवासी योगिता सोनवानी के रूप में हुई है, जो अपनी मां सुनीता के साथ महासमुंद में रह रही थी। योगिता पिछले कुछ वर्षों से मानसिक बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज जारी था।
‘चमत्कारिक उपचार’ के नाम पर अमानवीयता
इस दौरान किसी ने सुनीता को जानकारी दी कि गरियाबंद के सुरसाबांधा गांव में रहने वाली ईश्वरी साहू ‘धार्मिक चमत्कारों’ से मानसिक बीमारियों का इलाज करती है। इसके बाद सुनीता अपनी बेटी को लेकर ईश्वरी के पास पहुंची। बीते तीन महीनों से मां-बेटी उसी के घर पर रह रही थीं। सुनीता का आरोप है कि ईश्वरी ने उनकी बेटी का इलाज ईसाई धार्मिक तरीकों से करने का दावा किया। इलाज के नाम पर ईश्वरी उसे बाइबिल पढ़ने को मजबूर करती थी और उसके शरीर पर गर्म पानी व तेल डालती थी।
अमानवीयता की हदें पार
पुलिस जांच में सामने आया है कि युवती पर न सिर्फ अमानवीय प्रयोग किए गए, बल्कि उसके साथ लगातार शारीरिक प्रताड़ना भी की जाती रही। ऐसा माना जा रहा है कि जब ईश्वरी साहू उसकी छाती पर चढ़ी, उसी समय उसकी छाती की हड्डी टूट गई और अंदरूनी रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी ईश्वरी साहू से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने इसी तरह और लोगों के साथ भी ऐसा ‘उपचार’ किया है। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और एक बार फिर अंधविश्वास और अमानवीय ‘चमत्कारी इलाज’ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

