रायपुर: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) की केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू (69) जल्द ही महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर सकता है। संगठन के महासचिव बसवराजू की मौत के बाद सोनू को शीर्ष पद का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था। अब उसके सरेंडर की अटकलें तेज हो गई हैं। राज्य की एंटी-नक्सल यूनिट के सूत्रों के अनुसार, वह आत्मसमर्पण की तैयारी में है।
सोनू एक तेलुगू ब्राह्मण है और बीकॉम तक पढ़ाई कर चुका है। पहले वह सरकार से सीजफायर की अपील भी कर चुका है। उसके छोटे भाई किशनजी (मल्लोजुला कोटेश्वर राव) की 2011 में कोलकाता के पास मुठभेड़ में मौत हो चुकी है। वहीं, सोनू की पत्नी तारक्का ने पिछले साल गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण कर दिया था और फिलहाल वह पुलिस के पुनर्वास केंद्र में रह रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में गढ़चिरौली में बड़े पैमाने पर नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई थी।
माओवादी संगठन में टूट की वजहें
अधिकारियों के अनुसार, संगठन में आंतरिक असंतोष लगातार बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के आदिवासी कैडर अब तेलुगू नेतृत्व से नाराज हैं। उन्हें जबरन लड़ाई के लिए आगे भेजा जाता है, जबकि तेलुगू नेता खुद पीछे रहते हैं। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, माओवादी संगठन में नेतृत्व को लेकर आदिवासी कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं दिया जाता, जबकि जमीनी संघर्ष वही कर रहे हैं। यह जातीय असमानता और कठोर नेतृत्व शैली संगठन की कमजोरी का बड़ा कारण बनती जा रही है।
उधर गढ़चिरौली में शुक्रवार को हुई एक मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। यह अभियान सीआरपीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल कमांडो यूनिट सी-60 द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था।

